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बीआरएबीयू : 23 कॉलेजों को आज मिलेंगे स्थायी प्राचार्य, लॉटरी सिस्टम से होगा पदस्थापन

Updated at : 22 Jul 2025 8:54 PM (IST)
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बीआरएबीयू : 23 कॉलेजों को आज मिलेंगे स्थायी प्राचार्य, लॉटरी सिस्टम से होगा पदस्थापन

बीआरएबीयू : 23 कॉलेजों को आज मिलेंगे स्थायी प्राचार्य, लॉटरी सिस्टम से होगा पदस्थापन

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वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

बीआरएबीयू के 23 संबद्ध कॉलेजों को बुधवार को स्थायी प्राचार्य मिल जायेंगे. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (बीएसयूएससी) की अनुशंसा पर चयनित इन प्राचार्यों की नियुक्ति लॉटरी सिस्टम के माध्यम से की जाएगी. इस अहम प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए राजभवन के निर्देश पर एक समिति का गठन किया गया है. विवि के नये गेस्ट हाउस में बुधवार सुबह 11:30 बजे से इस कमेटी की बैठक बुलाई गयी है. इस बैठक में सांसद, विधायक व विधान पार्षद को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके. विवि के कुलसचिव, प्रो समीर शर्मा ने बताया कि राजभवन के दिशा-निर्देशों के अनुसार नवनियुक्त प्राचार्यों का पदस्थापन किया जाएगा और इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है.

-वर्तमान स्थिति व नये पदस्थापन का महत्त्व

वर्तमान में, बीआरएबीयू में कुल 39 संबद्ध (अंगीभूत) व 3 सरकारी कॉलेज हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से केवल 7 कॉलेजों में ही स्थायी प्राचार्य तैनात हैं. शेष कॉलेजों का प्रभार या तो वरिष्ठ शिक्षकों को दिया गया है या फिर दूसरे कॉलेजों के वरिष्ठ शिक्षकों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में कई बार बाधाएं आती हैं. बीएसयूएससी द्वारा विवि को कुल 24 प्राचार्यों की सूची भेजी गई थी, जिसमें से एक अभ्यर्थी ने कार्यभार संभालने से इनकार कर दिया है. शेष 23 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया जून में ही पूरी कर ली गयी थी. पिछले महीने इन सभी अभ्यर्थियों से उप-मंडल के अनुसार उनकी पसंद भी पूछी गयी थी. अब राजभवन के निर्देशानुसार लॉटरी सिस्टम से पदस्थापन होगा.

कैसे होगा लॉटरी सिस्टम ?

पदस्थापन के लिए कॉलेजों की सूची अल्फाबेटिकली तैयार की जाएगी. वहीं, एक बॉक्स में प्राचार्यों के नाम की अलग-अलग पर्चियां रखी जाएंगी. विश्वविद्यालय के चतुर्थ श्रेणी के एक कर्मचारी द्वारा एक-एक कर पर्चियां निकाली जाएंगी. जिस प्राचार्य का नाम पहले आएगा, उसे सूची में सबसे ऊपर वाले कॉलेज का आवंटन किया जाएगा. इसी प्रकार अन्य कॉलेजों में भी पदस्थापन किया जाएगा. यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप से बचने के लिए अपनाई जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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