रजिस्ट्री को अंचल आॅफिस का चक्कर लगा रहे जमीन मालिक
Author Prabhat khabar digital desk
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मुजफ्फरपुर : जिला प्रशासन जहां एक ओर 19 लाख से अधिक जमाबंदी ऑन लाइन करने का दावा कर रही है. वही दूसरी ओर जमीन का निबंधन कराने आये लोगों काे ऑन लाइन जमाबंदी का लिंक नहीं मिलने से अंचल का चक्कर लगाना पड़ रहा है. रजिस्ट्री कार्यालय में शुक्रवार को इसे लेकर अफरा- तफरी की […]
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मुजफ्फरपुर : जिला प्रशासन जहां एक ओर 19 लाख से अधिक जमाबंदी ऑन लाइन करने का दावा कर रही है. वही दूसरी ओर जमीन का निबंधन कराने आये लोगों काे ऑन लाइन जमाबंदी का लिंक नहीं मिलने से अंचल का चक्कर लगाना पड़ रहा है. रजिस्ट्री कार्यालय में शुक्रवार को इसे लेकर अफरा- तफरी की स्थिति रही. कागज लेकर लोग इधर से उधर दौड़ते नजर आये. दरअसल, नये नियम के अनुसार जिनके नाम से जमाबंदी है. वही जमीन का निबंधन कर सकता है.
बिना जमाबंदी के जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकती है. नियम लागू होने से पहले जिसके नाम भूमि की जमाबंदी नहीं है, वह भी जमीन की बिक्री कर देता था. अधिकारियों का मानना है कि जमाबंदी के बाद फर्जीवाड़े की गुंजाईश समाप्त हो जायेगी. नये सॉफ्टवेयर से जानकारी मिल जायेगी कि बिक्री की जाने वाली जमीन किसके नाम से है.
दो दर्जन हुई रजिस्ट्री. निबंधन के लिए आरटीपीएस काउंटर पर 34 आवेदन जमा हुआ है. इसमें से करीब 24 दस्तावेज का निबंधन ही हो पाया. जमाबंदी से मिलान नहीं होने के वजह से पेंडिग हो गयी. बताया यह जा रहा है कि अंचल से अभी डाटा इंट्री ही नहीं हुई है. इसलिए लेखा- जोखा नहीं मिल रहा है.
कटरा में नहीं हुई एक भी जमीन की रजिस्ट्री
कटरा. नये कानून लागू होने के कारण भूमि निबंधन कार्यालय में एक भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी है. कातिब मुन्ना लाल, अंशु कुमार, सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि सरकार द्वारा पूर्व तैयारी नहीं की गयी है. इस कारण निबंधन कार्य नहीं हो पा रहा है. हम कातिब काम नहीं रहने के कारण बैठ कर पूरा दिन पास कर रहे हैं. निबंधन पदाधिकारी मिथिलेश कुमार दास ने कहा कि निबंधन के लिए तीन कागजात आरटीपीएस किया गया है. लिंक में गड़बड़ी के कारण निबंधन कार्य नहीं हो सका है.
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