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मुजफ्फरपुर बाढ़ : 200 गांव प्रभावित, घरों में घुसा पानी तो नाव को ही बना लिया किचेन

Updated at : 23 Jul 2019 8:34 AM (IST)
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मुजफ्फरपुर बाढ़ : 200 गांव प्रभावित, घरों में घुसा पानी तो नाव को ही बना लिया किचेन

मुजफ्फरपुर : नेपाल के पानी से जिले में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है. नदियों ने तबाही मचानी शुरू कर दी है. आठ प्रखंड के 200 गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं. औराई, कटरा में हालात बिगड़ गये हैं. जिले के कटरा, औराई और गायघाट प्रखंड में बाढ़ की भयावह स्थिति को […]

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मुजफ्फरपुर : नेपाल के पानी से जिले में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है. नदियों ने तबाही मचानी शुरू कर दी है. आठ प्रखंड के 200 गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं. औराई, कटरा में हालात बिगड़ गये हैं. जिले के कटरा, औराई और गायघाट प्रखंड में बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए डीएम आलोक रंजन घोष ने अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है. मौसम विभाग से भारी बारिश की सूचना को लेकर सभी अंचलाधिकारी को क्षेत्र में चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिये हैं.

कटरा, औराई, गायघाट, बोचहां, मुशहरी, मीनापुर, कांटी एवं बंदरा की 75 पंचायतों में बाढ़ के पानी सें घिरा हुआ है. 3.5 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है. जिला बाढ़ कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार बूढ़ी गंडक नदी का जल स्तर स्थिर बना हुआ है. लेकिन लखनदेई नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. इससे औराई व कटरा में स्थिति खराब बनी हुई है. बाढ़ग्रस्त इलाके 88 नाव एवं एक दर्जन से अधिक मोटर बोट परिचालन कराया जा रहा है. बाढ़ पीड़ित परिवार को भोजन उपलब्ध कराने के लिए 29 जगहों पर सामुदायिक किचेन की व्यवस्था की गयी है. इसमें दो टाइम भोजन दिया जा रहा है.

38 हजार हेक्टेयर जमीन जलमग्न

बाढ़ के पानी 38 हजार हेक्टेयर जमीन जलमग्न हो गया है. इसमें से 28 हजार हेक्टेयर जमीन कृषि योग्य है. बाढ़ वाले इलाके में फसल के साथ साग सब्जी को काफी नुकसान हुआ है. एक हजार से अधिक मवेशी बीमार पड़े हैं, जिनका इलाज किया गया है. बाढ़ की वजह से दूध के उत्पादन पर काफी असर पड़ा है. हरा चारा नहीं मिलने से किसान भूसा से काम चला रहे हैं.
बंदरा व बोचहां सीओ के वेतन पर रोक
मुजफ्फरपुर. बाढ़ राहत वितरण में लापरवाही बरतने पर डीएम आलोक रंजन घोष ने बोचहां एवं बंदरा अंचलाधिकारी से जबाव-तलब करते हुए उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया है. डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने एवं राहत वितरण हेतु त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया था. लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया. गैर जिम्मेदाराना व्यवहार का परिचय देते हुए बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में एक भी कम्यूनिटी किचेन शुरू नहीं किया गया है. राहत एवं बचाव कार्य की गतिविधि नहीं चलायी जा रही है. डीएम ने साफ तौर पर कहा कि बाढ़ एवं राहत कार्य में लापरवाही के लिए क्यों न आपके विरुद्ध प्रपत्र क गठित करने की अनुशंसा की जाये.
घरों में घुसा पानी तो नाव को ही बना लिया किचेन
मुजफ्फरपुर : मुशहरी के छोटी कोठिया गांव भी बाढ़ की पानी से प्रभावित है. घरों में पानी घुसने के बाद सोनी देवी ने नाव को ही अपना किचेन बना लिया है. उसे तीन पुत्र व दो पुत्री हैं. उसे छह बच्चे हैं. सभी के लिए नाव पर ही खाना बनता है. वार्ड सदस्य पति हरिलाल सहनी ने बताया कि गांव में राहत सामग्री प्रशासन की ओर से नहीं दिया गया है. बांध पर ही बच्चे ले रहे अक्षर ज्ञान मुशहरी राधा नगर गांव में बाढ़ के पानी घुसे सात दिन हो गये. लगातार आफत व परेशानियों के बीच बच्चों की पढ़ाई बाधित है. बांध पर प्लास्टिक तान कर गांव के लोग शरण लिये हुए हैं. बच्चे परिजन के साथ बांध पर ही रह रहे हैं. बांध पर बने मचान व प्लास्टिक के छत के नीचे ही राजू ने बगल के प्रिंस को अक्षर ज्ञान पढ़ा रहा था. बाढ़ से बच्चों का स्कूल बंद हो गया है.
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