विजय कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस को दिये बयान में बताया था कि 26 फरवरी को विधानसभा चुनाव था. मेरा छोटा भाई राज कुमार उर्फ सुजीत कुमार सुबह घर से निकला. मतदान केंद्र संख्या-155 मुखर्जी सेमिनरी स्कूल में निर्दलीय प्रत्याशी विजेन्द्र चौधरी का एजेंट था. मतदान के दौरान नामजद अभियुक्त फर्जी पहचान पत्र पर वोटिंग करने आये. इसे मेरे भाई ने रोक दिया. इससे वे लोग वोट डालने से वंचित रह गये. भाई घर आया और पूरी घटना की जानकारी देते हुए कहा कि कन्हाई पटेल, रंजीत चौहान एवं संजय साह ने मुझे जान से मारने की धमकी दी हैं.
दोनों भाई छोटी कल्याणी शाम को घूमने निकले. छोटी कल्याणी चौक पर मोटरसाइकल खड़ी कर मेरा भाई चाय पीने लगा और हम बगल की पान दुकान पर चले गये. पान खाने के दौरान देखा कि चार आदमी मेरे भाई को घेरे हुए हैं. जब मैं वहां पहुंचा, तो कन्हाई पटेल ने हाथ में लिये पिस्तौल से भाई के माथे में सटा कर गोली मार दिया. रंजीत चौहान ने दूसरी गोली पेट में व संजय साह ने पीठ में गोली मारी. इस पर भाई सड़क पर गिर गया. स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गया, उसे मृत घोषित कर दिया गया.

