आवेदन के चार माह बाद भी नियुक्ति का इंतजार, एमयू को आमदनी 50 हजार

मुंगेर विश्वविद्यालय भले ही अपने शैक्षणिक प्रक्रियाओं और उसे सुदृढ़ बनाने के प्रति लापरवाह हो, लेकिन एमयू प्रबंधन अपने आमदनी को लेकर पूरी तरह सजग है.
एमयू ने अक्तूबर 2025 में ही एईसी, वीएसी और एसईसी के लिए मांगा था आवेदन
मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय भले ही अपने शैक्षणिक प्रक्रियाओं और उसे सुदृढ़ बनाने के प्रति लापरवाह हो, लेकिन एमयू प्रबंधन अपने आमदनी को लेकर पूरी तरह सजग है. इसका अंदाजा केवल इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्वविद्यालय द्वारा अक्तूबर 2025 में ही एईसी, वीएसी और एसईसी विषयों के अंतर्गत प्रति कक्षा भुगतान के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगा गया. जिसमें लगभग 100 आवेदन आये और इससे विश्वविद्यालय को कुल 50 हजार की आमदनी हो गयी, लेकिन आवेदन के चार माह बाद न तो आवेदन करने वाले शिक्षकों की नियुक्ति हो पायी और न ही सीबीसीएस के तहत स्नातक करने वाले विद्यार्थियों को इन विषयों में शिक्षक.बता दें कि एमयू द्वारा अपने सीबीसीएस स्नातक सत्र के एईसी, वीएसी और एसईसी विषयों के अंतर्गत प्रति कक्षा भुगतान (गेस्ट/कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 20 अक्तूबर 2025 तक आवेदन लिया गया. इसके तहत आवेदन करने वाले विद्यार्थियों से 500 रुपये का आवेदन शुल्क भी लिया गया. इसमें लगभग 100 से शिक्षकों ने आवेदन किया, जिससे विश्वविद्यालय को 50 हजार की आमदनी भी हुई.
चार माह बाद भी नहीं मिले शिक्षक
एमयू की बदहाल व्यवस्था को केवल इसी बात से ही समझा जा सकता है कि जिन विषयों के लिए शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर आवेदन मांगा गया. उन आवेदन करने वालों को जहां चार माह बाद भी नियुक्ति नहीं मिल पायी है. वहीं जिस सत्र 2025-29 स्नातक सेमेस्टर-1 के विद्यार्थियों के लिए इन शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी, उस सत्र की परीक्षा भी पूर्ण हाे गयी, लेकिन विद्यार्थियों को शिक्षक नहीं मिल पाये. हद तो यह है कि लगभग 100 आवेदन के स्क्रूटनी की प्रक्रिया भी विश्वविद्यालय चार माह बाद तक पूरी नहीं कर पाया है.
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