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बदहाली : दिव्यांग बोर्ड में आने वाले दिव्यांगों को बैठने तक की व्यवस्था नहीं

पहले तो सदर अस्पताल में दिव्यांग बोर्ड के लिये कोई स्थायी जगह नहीं है.

– डॉक्टर साहब से जांच कराने खड़े होकर दिव्यांग करते हैं इंतजार

मुंगेर

पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य विभाग को सरकार से कई आधारभूत संरचनाएं मिली है. बावजूद सदर अस्पताल में प्रत्येक गुरुवार को लगने वाले दिव्यांग बोर्ड में आने वाले दिव्यांगजन अपने लिये सम्मान को तरस रहे हैं. हाल यह है कि दिव्यांग बोर्ड कार्यालय जहां अबतक पुराने और जर्जर भवन के एक कमरे में चल रहा है. वहीं यहां आने वाले दिव्यांगों को डॉक्टर साहब से अपना जांच कराने के लिये घंटों खड़े रहना पड़ता है, क्योंकि पहले तो सदर अस्पताल में दिव्यांग बोर्ड के लिये कोई स्थायी जगह नहीं है. वहीं जिस जगह पर दिव्यांग बोर्ड का आयोजन किया जाता है. वहां इन दिव्यांगों के लिये बैठने तक की सुविधा उपलब्ध नहीं करायी गई है.

दिव्यांग खड़े होकर अपनी बारी का करते रहे इंतजार

8 जनवरी गुरुवार यानि आज भी सदर अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध कराने के लिये दिव्यांग बोर्ड का आयोजन किया गया. जिसका आयोजन सदर अस्पताल उपाधीक्षक कार्यालय में किया गया. लेकिन उपाधीक्षक कार्यालय में आयोजित बोर्ड के बाहर जो नजारा देखने को मिला. उसे देखकर ही जिले में दिव्यांगजनों को मिल रहे सम्मान का अंदाजा लगाया जा सकता है. उपाधीक्षक कार्यालय के बाहर कंपकंपाती ठंड में दर्जनों दिव्यांग अपने परिजनों के साथ अपनी बारी के इंतजार में खड़े नजर आये. जबकि उपाधीक्षक कार्यालय के बाहर इन दिव्यांगों को बैठने तक के लिये कुर्सी की व्यवस्था नहीं दिखी. इन दिव्यांगों में कई बच्चे भी थे. जो अपने मां या पिता के साथ कार्यालय के बाहर कंपकंपाती ठंड में अपनी बारी का इंतजार करते नजर आये.

जर्जर भवन के एक कमरे में चल रहा दिव्यांग कार्यालय

जिला स्वास्थ्य विभाग के जिले में दिव्यांगों को लेकर बदहाली का आलम यह है कि केवल दिव्यांग बोर्ड में ही नहीं, बल्कि इसके बाद दिव्यांग बोर्ड कार्यालय में अपना यूडीआईडी कार्ड बनवाने या उसे लेने के लिये भी दिव्यांगों को खड़े होकर या कहीं पेड़ की छांव में बैठकर ही इंतजार करना पड़ता है, क्योंकि जिले में दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध कराने को लेकर बना दिव्यांग बोर्ड कार्यालय सालों से एएनएम स्कूल के बगल में बने एक जर्जर भवन के एक कमरे में संचालित होता है. जहां आने वाले दिव्यांगजन तो दूर खुद वहां कार्य करने वाले कर्मियों को भी बैठने के लिये पर्याप्त जगह नहीं मिली है. हाल यह है कि जर्जर भवन में दिव्यांग बोर्ड कार्यालय का संचालन होने के कारण प्रत्येक गुरुवार को दिव्यांग बोर्ड भी जब, जहां चिकित्सक उपलब्ध हो, वहीं आयोजित कर दिया जाता है.

कहते हैं सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि दिव्यांग बोर्ड कार्यालय को जल्द ही प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जायेगा. जहां प्रत्येक गुरुवार को दिव्यांग बोर्ड का आयोजन किया जायेगा. वहां मरीजों को बैठने के लिये भी पर्याप्त जगह उपलब्ध है.

गुरुवार को 73 दिव्यांगजनों का हुआ दिव्यांगता जांच

मुंगेर . जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुरुवार को सदर अस्पताल उपाधीक्षक कार्यालय में दिव्यांग बोर्ड का आयोजन किया गया. जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कुल 73 दिव्यांगों के दिव्यांगता की जांच की गयी. इस दौरान फिजिशयन चिकित्सक डॉ रमन कुमार द्वारा शारीरिक दिव्यांगता के कुल 12 दिव्यांगों का जांच किया गया. जबकि हड्डी विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ निरंजन द्वारा हड्डी की दिव्यांगता वाले 55 दिव्यांगों की जांच की गयी. इसके अतिरिक्त नेत्र विशेषज्ञ डॉ अनुराग द्वारा नेत्र दिव्यांगता वाले कुल 6 दिव्यांगों की जांच की गयी. सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दिव्यांगजनों के दिव्यांगता की जांच की गयी है. एक सप्ताह के अंदर चिकित्सक द्वारा निर्धारित दिव्यांगता प्रतिशत के अनुसार दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध करा दिया जाता है.

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