प्रतिनिधि, मुंगेर
मुंगेर विश्वविद्यालय ने सात जनवरी को सेलेक्शन कमेटी की बैठक की प्रत्याशा में अपने 17 अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत लगभग 100 अतिथि शिक्षकों को सेवा विस्तार दिया, लेकिन इसके ढाई माह बाद भी अबतक विश्वविद्यालय अतिथि शिक्षकों के सेवा विस्तार को लेकर सेलेक्शन कमेटी तक नहीं बना पाया है. हद तो यह है कि विश्वविद्यालय द्वारा सेलेक्शन कमेटी की बैठक नहीं होने के कारण किन अतिथि शिक्षकों को सेवा विस्तार दिया गया है. इसकी सूची तक जारी नहीं की गयी है. जबकि पूर्व में कई अतिथि शिक्षक अपना कार्य छोड़कर ही चले गये थे.बता दें कि एमयू की ओर से साल 2023 में 109 अतिथि शिक्षकों को 11 माह का सेवा विस्तार दिया गया था. जिनका कार्यकाल 19 दिसंबर 2024 को समाप्त हो गया था. हालांकि इस 11 माह में एमयू के 17 अंगीभूत कॉलेजों में लगभग 100 अतिथि शिक्षक ही कार्यरत थे. जिसकी सीसीआर रिपोर्ट विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेजों से मांगी गयी थी. जिसे कॉलेजों द्वारा भेज दिया गया. इसके बाद नियमानुसार तो विश्वविद्यालय को सेलेक्शन कमेटी गठित करते हुए अतिथि शिक्षकों को सेवा विस्तार देना था, लेकिन तत्कालीन प्रभारी कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी की ओर से सात जनवरी को सेलेक्शन कमेटी की प्रत्याशा में अतिथि शिक्षकों को सेवा विस्तार दे दिया गया.
सेवा विस्तार वाले अतिथि शिक्षकों की सूची तक नहीं हुई जारी
बता दें कि साल 2023 में 109 अतिथि शिक्षकों को सेवा विस्तार मिलने के बाद 19 दिसंबर 2024 तक विश्वविद्यालय के 17 अंगीभूत कॉलेजों में लगभग 100 अतिथि शिक्षक ही कार्यरत हैं. जबकि कई अतिथि शिक्षक सेवा विस्तार मिलने के बाद से ही योगदान देकर गायब हो गये थे. वहीं कइयों का सेलेक्शन दूसरे विश्वविद्यालय में होने के बाद वैसे अतिथि शिक्षक अपना इस्तीफा देकर चले गये. इस बीच विश्वविद्यालय द्वारा सात जनवरी को अतिथि शिक्षकों को सेवा विस्तार दिया गया, लेकिन किन अतिथि शिक्षकों को सेवा विस्तार मिला है. इसकी सूची तक विश्वविद्यालय द्वारा जारी नहीं की गयी है. यह हाल तब है, जब एमयू सीनेट व सिंडिकेट बैठक की तैयारियों में जुटा है. इसमें अतिथि शिक्षकों के सेवा विस्तार को भी अनुमोदित होना है.कहते हैं डीएसडब्ल्यू
डीएसडब्ल्यू प्रो भवेशचंद्र पांडेय ने बताया कि सेलेक्शन कमेटी की बैठक की प्रत्याशा में अतिथि शिक्षकों को सेवा विस्तार दिया गया है. हालांकि अबतक सेलेक्शन कमेटी नहीं बन पायी है. इसके कारण उनका वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है. इसे लेकर कुलपति को जानकारी दी गयी है. उनके निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही की जायेगी.
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