लापरवाही : प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल में हीट वेब के मरीज, इलाज की जिम्मेदारी इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सक के भरोसे
Published by : AMIT JHA Updated At : 25 May 2026 8:04 PM
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इलाज के लिये भगवान भरोसे ही छोड़ दिया गया है. क्योंकि प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल में भर्ती हीट वेब मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा वहां से लगभग 400 मीटर दूर इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सक और 200 मीटर दूर एसएनसीयू वार्ड की नर्स के भरोसे दे दिया गया है.
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मुंगेर
एक ओर जहां बेतहासा गर्मी के बीच जिले में हीट वेब के मामले बढ़ने लगे हैं और सोमवार को भी हीट वेब के तीन मरीज मिले हैं. वही स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल में बनाये गये 40 बेड के हीट वेब वार्ड में मरीजों को भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन उन्हें इलाज के लिये भगवान भरोसे ही छोड़ दिया गया है. क्योंकि प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल में भर्ती हीट वेब मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा वहां से लगभग 400 मीटर दूर इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सक और 200 मीटर दूर एसएनसीयू वार्ड की नर्स के भरोसे दे दिया गया है.सोमवार को मिले हीट वेब के तीन मरीज
जिले में सोमवार को हीट वेब के तीन मरीज मिले. जिसमें फरदा जगन्नाथपुर टोला निवासी 21 वर्षीय सरोज देवी, दरियापुर निवासी 35 वर्षीय रिंकू देवी और हलीमपुर निवासी 60 वर्षीय योगेंद्र यादव शामिल हैं. जिसके बाद जिले में हीट वेब के अबतक मिले कुल मरीजों की संख्या 9 हो चुकी है.फैब्रिकेटेड में मरीज, इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक
स्वास्थ्य विभाग हीट वेब को लेकर विभागीय निर्देश के बाद कितना सजग है. इसका अंदाजा केवल इसी बात से लगाया जा सकता है कि आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल में बने हीट वेब वार्ड को तो आरंभ कर दिया गया, लेकिन यहां भर्ती किये गये हीट वेब के मरीजों को इलाज के लिये भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है. बता दें कि प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल में बने हीट वेब वार्ड में भर्ती मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन द्वारा हीट वेब वार्ड से लगभग 500 मीटर दूर मॉडल अस्पताल में संचालित इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सकों को दी गयी है. जबकि यहां स्वास्थ्यकर्मी की ड्यूटी एसएनसीयू वार्ड में तैनात नर्स के भरोसे छोड़ दिया गया है. अब ऐसे में यदि प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल में भर्ती हीट वेब के मरीजों को रात में चिकित्सीय परामर्श की जरूरत होती है तो उन्हें वहां से या तो इमरजेंसी वार्ड आना होगा या इमरजेंसी जैसे महत्वपूर्ण वार्ड को छोड़कर चिकित्सक को हीट वेब वार्ड जाना होगा.कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि हीट वेब वार्ड में मरीजों को भर्ती किया गया है. हलांकि चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों की कमी है, लेकिन जल्द ही यहां स्थायी रूप से चिकित्सक व कर्मियों को तैनात किया जायेगा.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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