ePaper

एक सप्ताह में मिला पुत्र का अल्ट्रासाउंड जांच रिर्पोट, दूसरे चिकित्सक ने फिर से लिख दिया अन्य जांच

Updated at : 26 Nov 2025 6:41 PM (IST)
विज्ञापन
एक सप्ताह में मिला पुत्र का अल्ट्रासाउंड जांच रिर्पोट, दूसरे चिकित्सक ने फिर से लिख दिया अन्य जांच

मुंगेर जिले के सफियाबाद थाना क्षेत्र के शिवकुंड निवासी 61 वर्षीय वृद्ध गरीब पिता शंभू राय की है.

विज्ञापन

एक वृद्ध और गरीब पिता की मजबूरी पर सरकारी बदहाली भारी

——————————————————————————

– पटना एम्स में इलाज के दौरान कहा गया लीवर इंफेक्शन, अब पुत्र के इलाज को एक से दूसरे चिकित्सक के पास भटक रहा वृद्ध पिता- एक सप्ताह से पुत्र के इलाज की जगह जांच में परेशान वृद्ध पिता अपने पुत्र को लेकर चितिंत

मुंगेर

एक पिता अपने वृद्धावस्था में अपने पुत्र को ही बुढ़ापे की लाठी मानता है और उसके भरोसे ही बुढ़ापे में होने वाली बीमारियों से लड़ता है, लेकिन उस पिता की हालत को केवल समझा ही जा सकता है तो अपने सबसे बड़े बेटे के इलाज के लिये सरकारी व्यवस्थाओं से लड़ रहा है. यह कहानी किसी और की नहीं, बल्कि मुंगेर जिले के सफियाबाद थाना क्षेत्र के शिवकुंड निवासी 61 वर्षीय वृद्ध गरीब पिता शंभू राय की है. जो अपने बीमार पुत्र के इलाज के लिये पिछले एक सप्ताह से सदर अस्पताल का चक्कर लगा रहा है, लेकिन एक सप्ताह से वह अपने पुत्र के इलाज की जगह उसका जांच कराने में ही एक जांच केंद्र से दूसरे जांच केंद्र का चक्कर लगा रहा है.

एम्स पटना में बताया लीवर इंफैक्शन, अस्पताल में इलाज के नाम पर केवल जांच

सफियाबाद थाना क्षेत्र के शिवकुंड निवासी 61 वर्षीय वृद्ध बुधवार को सदर अस्पताल में एक कोने में उदास और हताश बैठे नजर आये. जो दवा काउंटर के सामने अपराह्न 2.30 बजे अपने पुत्र के टीबी जांच कराने के लिये पर्ची लेने बैठे थे. उन्होंने बताया कि उसके पुत्र को लीवर इंफैक्शन हो गया है. जिसके कारण उसके पेट में पानी भरा है और 6 माह से उसका इलाज पटना के एम्स में चल रहा था, लेकिन वहां पैसा खत्म हो जाने के बाद वह अपने पुत्र को लेकर मुंगेर आ गया. जहां वह 19 नवंबर को सदर अस्पताल पहुंचा. ओपीडी में चिकित्सक डॉ बीएन सिंह ने उसके पुत्र का एम्स में चले रहे इलाज का रिर्पोट देखकर उसका अल्ट्रासाउंड जांच लिखा. वही एक सप्ताह बाद 26 नवंबर को वह ओपीडी पहुंचा. जहां दूसरे चिकित्सक डॉ लोचन चंद्र पाठक ने उसे पुत्र का टीबी, एक्सरे आदि जांच लिखा है, लेकिन तबतक दो बज गया और काउंटर बंद हो गया. जिसके कारण वह पर्ची निकलने के इंतजार में बैठा है.

एक सप्ताह में मिला अल्ट्रासाउंड जांच, अब कराना होगा दूसरा जांच

सदर अस्पताल की बदहाली की मार शंभू राय के इस कदर कष्टदायक हो चुकी है कि एक वृद्ध के लिये इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है. शंभू राय ने बताया कि 19 नवंबर को जब वह आया तो उसके पुत्र को ओपीडी में चिकित्सक द्वारा अल्ट्रासाउंड जांच लिखा गया. जब वह अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र गया तो वहां पर्ची लेने के बाद 26 नवंबर को आने कहा गया. बुधवार को वह अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र सुबह 9 बजे ही पहुंच गया, लेकिन उसका जांच कराने और रिर्पोट लेने के बाद चिकित्सक को दिखाने में 2 बज गया. इस दौरान ओपीडी में दूसरे चिकित्सक ने उसके पुत्र का एम्स का रिर्पोट देखे बिना केवल अल्ट्रासाउंड रिर्पोट देखकर एक्स-रे, टीबी, एचआईवी जांच लिख दिया गया. उसने बताया कि वह वृद्ध और गरीब है. उसका पुत्र दर्द से परेशान है, लेकिन सदर अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से उसका इलाज करने की जगह केवल जांच ही हो रहा है.

वृद्ध पिता को काम नहीं आ रहा भव्या एप का दावा

एक पिता के लिये इससे ज्यादा पीड़ादायक क्या होगा. जब उसका कमाऊ बड़ा पुत्र, जो खुद तीन बच्चों का पिता है. वह दर्द से उसके समाने कराहता हो, लेकिन सरकारी इलाज करने वालों को उस गरीब पिता व पुत्र पर दया तक नहीं आती हो. शंभू राय के पुत्र मनीष कुमार को एम्स में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा लीवर इंफैक्शन लिखा गया, लेकिन इसके बावजूद सदर अस्पताल में चिकित्सक उसका पूर्व के जांच रिर्पोट के आधार पर अन्य जांच कर इलाज करने की जगह टीबी, एक्स-रे और अन्य तरह का जांच करा रहे हैं. हद तो यह है कि स्वास्थ् विभाग का भव्या को लेकर दावा भी गरीब वृद्ध पिता के काम नहीं आ रहा है. हद तो यह है कि अस्पताल के ओपीडी में जहां एक दिन किसी मरीज को एमबीबीए चिकित्सक देख रहे हैं. वहीं दूसरे दिन उसी मरीज को आयुष चिकित्सक जांच लिख रहे हैं.

कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक

सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ निरंजन कुमार ने बताया कि अस्पताल में केवल एक सर्जन है. जबकि अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र पर भी अधिक दवाब है. जिससे कई बार गंभीर बीमारी के मरीज को भी परेशानी होती है. उन्होंने बताया कि मरीज से संबंधित जानकारी ली जायेगी और उसे गुरूवार को बुलाकर सर्जन से दिखाया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RANA GAURI SHAN

लेखक के बारे में

By RANA GAURI SHAN

RANA GAURI SHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन