ePaper

विकास बहु-दिशात्मक होना चाहिए : प्रधानाचार्य

Updated at : 26 Jul 2025 11:54 PM (IST)
विज्ञापन
विकास बहु-दिशात्मक होना चाहिए :  प्रधानाचार्य

विकास बहु-दिशात्मक होना चाहिए : प्रधानाचार्य

विज्ञापन

मुंगेर. विकास एक-दिशात्मक नहीं, बल्कि बहु-दिशात्मक होना चाहिए. तभी मानवीय क्षमताओं और कौशलों का विकास संभव है. इसके लिए बच्चों में शिक्षा, स्वास्थ्य और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना आवश्यक है. ये बातें सरस्वती विद्या मंदिर मुंगेर में कक्षा चतुर्थ से पंचम तक के अभिभावक गोष्ठी में प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने कही. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही अभिभाविका जूली भारती ने कहा कि अच्छे संस्कार और अनुशासन से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है. उपप्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह ने कहा कि नयी शिक्षा नीति-2020 के अनुसार बच्चों को जीवन कौशल के साथ-साथ भारतीय संस्कृति का ज्ञान देना भी आवश्यक है. प्राथमिक खंड की प्रभारी प्रधानाचार्या सुजीता कुमारी ने कहा कि अभिभावक गोष्ठी से बच्चों के दिनचर्या के बारे में जानकारी प्राप्त होती है. सहयोग और संवाद से ही कार्य कुशलता बढ़ती है. गोष्ठी में अभिभावकों द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिये गये. जिसे विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं उपप्रधानाचार्य द्वारा पूरा करने का आश्वासन दिया गया. मौके पर आचार्य संजीव कुमार सिन्हा, उज्ज्वल कुमार, राजीव कुमार, अमित कुमार, मनीष कुमार सहित अन्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
BIRENDRA KUMAR SING

लेखक के बारे में

By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन