अंतत: एएसपी अभियान का हुआ मुंगेर से तबादला

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मुंगेर : अंतत: एएसपी अभियान नवीन कुमार का मुंगेर से तबादला कर दिया गया. उन्हें तत्काल पुलिस मुख्यालय पटना बुलाया गया है. पिछले दिनों मुंगेर एवं लखीसराय सीमा पर लठिया कोल बंगाली बांध के समीप नक्सली कार्रवाई के दौरान पुलिस सब इंस्पेक्टर भवेश कुमार की हत्या के बाद वे सवालों के घेरे में थे. एक […]

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मुंगेर : अंतत: एएसपी अभियान नवीन कुमार का मुंगेर से तबादला कर दिया गया. उन्हें तत्काल पुलिस मुख्यालय पटना बुलाया गया है. पिछले दिनों मुंगेर एवं लखीसराय सीमा पर लठिया कोल बंगाली बांध के समीप नक्सली कार्रवाई के दौरान पुलिस सब इंस्पेक्टर भवेश कुमार की हत्या के बाद वे सवालों के घेरे में थे. एक ओर जहां पुलिस एसोसिएशन ने उनके तबादले की मांग की थी. वहीं दूसरी ओर नक्सली द्वारा भी उन्हें टारगेट में लिया गया था. खूफिया सूत्रों के अनुसार माओवादियों ने टारगेट नवीन कुमार के तहत रेकी भी की थी.

क्यों हुआ तबादला . 30 जनवरी को धरहरा थाना क्षेत्र की सीमा से लगभग 8-9 किलोमीटर की दूर लखीसराय सीमा में पहाड़ व जंगल से घिरे लठिया कोल में एएसपी अभियान के नेतृत्व में मुंगेर पुलिस व एसएसबी के जवान नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान में गये थे. जहां पुलिस की कार्यशैली पर ग्रामीण उग्र हो गया था.
पुलिस की माने तो नक्सली ग्रामीण के साथ मिल कर पुलिस दल पर हमला कर दिया. जिसमें धरहरा थाना में पदस्थापित दारोगा भवेश कुमार शहीद हो गये. भवेश की मौत पर सवाल खड़े हो रहे थे. खुद बिहार पुलिस एसोसिएशन के सदस्यों ने एएसपी अभियान नवीन कुमार के साथ काम नहीं करने का एलान कर दिया था. एसोसिएशन का कहना था कि भवेश की शहादत एएसपी अभियान के गलत कार्यशैली के कारण हुई थी. एसोसिएशन के दबाव के बाद पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा ने राज्य पुलिस मुख्यालय को नवीन कुमार के तबादले की अनुशंसा भी की थी और उसके बाद पुलिस मुख्यालय ने उसे वापस बुला लिया.
नक्सलियों के निशाने पर मुंगेर पुलिस . सूत्रों की अगर माने तो लठियाकोल की घटना के बाद नक्सली काफी आक्रोशित हैं. मुंगेर पुलिस उसके निशाने पर हैं. कहा जा रहा है कि जमुई एसपी ने जिन नक्सलियों के मोबाइल को ट्रैकिंग पर रखा था. उस पर बात हो रही थी कि लठियाकोल की घटना नक्सलियों द्वारा नहीं किया गया.
बावजूद पुलिस द्वारा झूठा प्राथमिकी दर्ज कर हमारे कुछ साथी और बेगुनाह ग्रामीण को फंसाया गया है. मोबाइल पर यह भी कहा जा रहा था कि दोषी पुलिस पदाधिकारी के आवास की रेकी कर ली गयी है. काली पहाड़ी के माध्यम से गुरिल्ला दस्ता घटना को अंजाम देंगे.
यह सूचना मुंगेर पुलिस को भी दी गयी. जिसके बाद मुंगेर पुलिस का दम फुलने लगा. जमालपुर के एक पुलिस पदाधिकारी को तो तत्काल ही जमालपुर से हटा कर मुंगेर परिसदन में रखा गया. जबकि डीएसपी आवास, इस्ट कॉलोनी थाना सहित अन्य अधिकारियों के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गयी. साथ ही पहाड़ से उतर कर शहर में प्रवेश करने वाले मार्ग पर जवानों को तैनात किया गया.
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