मानवता हुई शर्मसार, सदर अस्पताल में मुर्दे भी सुरक्षित नहीं

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मानवता हुई शर्मसार, सदर अस्पताल में मुर्दे भी सुरक्षित नहीं पोस्टमार्टम के बाद आवारा कुत्तों के हवाले लावारिस शवफोटो संख्या : 10 फोटो कैप्सन : ठेला पर रखे शव को नोचते कुत्ते प्रतिनिधि, मुंगेरजी हां! सदर अस्पताल में अब मुर्दे भी सुरक्षित नहीं हैं. यहां पोस्टमार्टम के लिए आने वाले अज्ञात शव कुत्ते के आहार […]

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मानवता हुई शर्मसार, सदर अस्पताल में मुर्दे भी सुरक्षित नहीं पोस्टमार्टम के बाद आवारा कुत्तों के हवाले लावारिस शवफोटो संख्या : 10 फोटो कैप्सन : ठेला पर रखे शव को नोचते कुत्ते प्रतिनिधि, मुंगेरजी हां! सदर अस्पताल में अब मुर्दे भी सुरक्षित नहीं हैं. यहां पोस्टमार्टम के लिए आने वाले अज्ञात शव कुत्ते के आहार बनते हैं. शव को सड़क किनारे यूं ही लावारिस छोड़ दिया जाता है और जानवर उसे नोंच-नोंच कर खाता है. मानवता को शर्मसार करने वाली इस प्रकार का दृश्य मंगलवार की शाम पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मुख्य सड़क पर देखने को मिला. जहां एक लावारिस लाश को कुत्ता नोंच रहा था. सोमवार की देर रात जमालपुर-किऊल रेलखंड पर रेल से कट जाने के कारण एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गयी. जिसे रेल पुलिस द्वारा मंगलवार को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया. पोस्टमार्टम के बाद शव को बाहर सड़क किनारे खुले में छोड़ दिया गया. उसकी सुरक्षा के लिए कोई उपलब्ध नहीं थे. शाम होते ही कुछ आवारा कुत्ते उक्त लावारिस शव पर टूट पड़े और उसे नोच- नोच कर खाने लगा. मालूम हो कि हिंदू हो या मुस्लिम सभी धर्मों में शव को काफी पवित्रता के साथ रखे जाने की मान्यता है. किंतु अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण यहां मानवता को शर्मसार कर शव को लावारिस ही छोड़ दिया गया. क्या है प्रावधानलावारिस शव को लेकर यह प्रावधान है कि पोस्टमार्टम के उपरांत उसे 72 घंटे तक पोस्टमार्टम हाउस में ही सुरक्षित रखा जाना है. इस बीच यदि मृतक के परिजन शव के दावेदारी के लिए पहुंच जाते हैं तो शव को उनके हवाले कर दिया जाता है और यदि उसकी शिनाख्त नहीं हो पाती है या कोई दावेदार नहीं पहुंचता तो उसके धर्म के अनुरूप उनका अंतिम क्रिया किया जाना है. कहते हैं सिविल सर्जनसिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ ने कहा कि लावारिश शव की सुरक्षा के लिए 72 घंटे तक पोस्टमार्टम हाउस के कर्मी व शव बरामदगी से संबंधित क्षेत्र के सुरक्षा बलों को तैनात रहना है. हालांकि मुंगेर के पोस्टमार्टम हाउस में शव को रखे जाने के लिए चार कमरे बनाये गये हैं. किंतु कमरा वातानुकूलित नहीं रहने के कारण शव को बाहर रखना पड़ता है. शव को कुत्ता द्वारा नोंचने के संदर्भ में उन्होंने जांच कर कार्रवाई की बात कही.

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