बंगाल बजट: स्वपन दासगुप्ता ने पेश किया पहला बजट, बोले- विरासत में मिला खाली खजाना, भारी कर्ज का बोझ

Edited by Ashish Jha
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वित्त् मंत्री स्वपन दासगुप्ता

West Bengal Budget: वित्त मंत्री ने अपने भाषण में उल्लेख किया कि नई सरकार को पिछली सरकार से 8,15,691 करोड़ रुपये का भारी ऋण विरासत में मिला है. यह भारी ऋण राज्य की अर्थव्यवस्था को लगभग पंगु बना रहा है. हालांकि, नई सरकार इस संकट से उबरने के लिए दृढ़ संकल्पित है.

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West Bengal Budget: कोलकाता: बंगाल में बदलाव का पहला बजट पेश हो चुका है. राज्य सरकार के कर्मचारियों से लेकर आशा कार्यकर्ताओं तक, सभी को नई सरकार की खुशखबरी मिली है, लेकिन बजट पेश करने से पहले, नई सरकार के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने पिछली सरकार द्वारा राज्य की खराब आर्थिक स्थिति को लेकर ममता बनर्जी की पूर्व सरकार पर तीखा हमला बोला है. वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने अपने पहले बजट भाषण में कहा कि पश्चिम बंगाल का खजाना खाली है और सरकार भारी कर्ज के बोझ तले दबी है, इसके बावजूद नई सरकार इस संकट से उबरने के लिए दृढ़ संकल्पित है.

आर्थिक सुधार की ओर बंगाल

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि निवर्तमान सरकार ने बंगाल को खाई के कगार पर धकेल दिया है. वित्त मंत्री ने कहा- नई सरकार को कुल मिलाकर विरासत में मिला है…”8,15,691 करोड़ रुपये”. सरकार पर पर भारी-भरकम कर्ज का बोझ है. यह भारी कर्ज राज्य की अर्थव्यवस्था को लगभग पंगु बना रहा है. स्वपन दासगुप्ता ने आश्वासन दिया है कि भारत सरकार की प्रत्यक्ष सहायता और विशिष्ट वित्तीय सुधारों के माध्यम से राज्य को सतत प्रगति के पथ पर वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. कुल मिलाकर, नई सरकार के सामने मुख्य चुनौती पिछली सरकार द्वारा छोड़ी गई आर्थिक गतिरोध को दूर करना और बंगाल को एक नई दिशा देना है.

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राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में लाने का प्रयास

वित्त मंत्री ने मौजूदा बजट में राज्य के राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में लाने के लिए एक आशाजनक कार्ययोजना भी प्रस्तुत की है. बजट के आंकड़ों के अनुसार, सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के संदर्भ में अनुमानित राजस्व घाटे में 1.5% की कमी आई है. 1.02 प्रतिशत परलक्ष्य यह निर्धारित किया गया है कि राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 3.40 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित दर पर 2.07 प्रतिशत हो जाए. 2.91 प्रतिशत परइसे कम करने की योजना है. वहीं दूसरी ओर, सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के संदर्भ में कुल ऋण अनुपात को भी 38.29 प्रतिशत से घटाकर 38.29 प्रतिशत कर दिया गया है. 37.98 प्रतिशत परलक्ष्य है मौतों की संख्या कम करना.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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