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सदर अस्पताल के महिला वार्ड में ऑटो ले जाने पर लगाया प्रतिबंध, दो घंटे परेशान रही प्रसूता व परिजन

Updated at : 03 Jan 2020 8:34 AM (IST)
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सदर अस्पताल के महिला वार्ड में ऑटो ले जाने पर लगाया प्रतिबंध, दो घंटे परेशान रही प्रसूता व परिजन

मुंगेर : सदर अस्पताल प्रबंधन द्वारा गुरुवार को अचानक महिला वार्ड परिसर में ऑटो के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया. जिससे प्रसव कक्ष में नवजात को जन्म देने वाली दो प्रसूता महिलाओं व उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. सुबह करीब 10 बजे प्रसव कक्ष के बाहर दो अलग-अलग ऑटो पर […]

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मुंगेर : सदर अस्पताल प्रबंधन द्वारा गुरुवार को अचानक महिला वार्ड परिसर में ऑटो के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया. जिससे प्रसव कक्ष में नवजात को जन्म देने वाली दो प्रसूता महिलाओं व उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. सुबह करीब 10 बजे प्रसव कक्ष के बाहर दो अलग-अलग ऑटो पर दो प्रसूता महिलाएं अपने नवजात के साथ करीब दो घंटे तक बैठी रही. जिसे सुरक्षा गार्डों द्वारा ऑटो से जाने पर रोक दिया गया. जिसमें सुरक्षा गार्ड द्वारा दोनों प्रसूता को सरकारी एंबुलेंस से घर जाने को कहा गया.

जिसके बाद परिजनों द्वारा हंगामा किए जाने पर अस्पताल प्रबंधक मौके पर पहुंचे और ऑटो चालकों से आज के बाद अस्पताल परिसर में प्रवेश नहीं करने का आवेदन लिखवा कर दोनों प्रसूता महिलाओं को एंबुलेंस से घर भेजा. वहीं चार माह पूर्व भी सिविल सर्जन के आदेश पर अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी. अस्पताल प्रशासन द्वारा प्राइवेट एंबुलेंस और अब ऑटो के अस्पताल में प्रवेश से वर्जित किए जाने पर यहां लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
बताया जाता है कि मिर्जापुर बरदह निवासी मो ईदू की पत्नी सरबरी बेगम और सीताकुंड डीह निवासी प्रदीप पासवान की पत्नी विनीता देवी मंगलवार को प्रसव के लिए अस्पताल आई थी. जहां सरबरी बेगम को बुधवार की दोपहर 02 बजे और विनीता देवी को बुधवार की रात 11 बजे डिलेवरी हुआ. गुरूवार की सुबह 10 बजे दोनों के परिजनों द्वारा अपने-अपने प्रसूता को घर ले जाने के लिए बाहर से आटो बुलाकर लाया गया था.
प्रसव कक्ष के बाहर आटो पर प्रसूता व नवजात सहित परिजनों के बैठते ही सुरक्षा गार्ड द्वारा मुख्य गेट को बंद कर दिया गया. सुरक्षा कर्मियों द्वारा बताया गया कि डीपीएम मो. नसीम द्वारा गेट बंद करने का आदेश यह कहते हुए दिया गया कि आटो महिला वार्ड के अंदर कैसे प्रवेश कर गया. जबकि प्रसूता को घर सरकारी एम्बुलेंस से भेजा जाना है.
वहीं दोनों प्रसूता की सास इंदू देवी व बीबी सुबैदा खातुन लगातार कह रही थी कि उनका घर गली में है. जहां एम्बुलेंस नहीं जा पाता. वहीं उन लोगों को उस समय अस्पताल में एक भी एंबुलेंस नहीं दिखा तो उनलोगों ने बाहर से ऑटो को बुलाकर लाया.
दोपहर 12 बजे पहुंचा एंबुलेंस, वह भी हो गया पंक्चर
सदर अस्पताल द्वारा महिला वार्ड परिसर में 4 सरकारी एंबुलेंस दिया गया है. लेकिन गुरुवार की दोपहर 12 बजे तक एक भी एंबुलेंस प्रसव कक्ष के बाहर नहीं था. जिसके बाद एक 102 एंबुलेंस पहुंचा. लेकिन उसका टायर भी पंक्चर हो गया.
जिसे बाद में दुरुस्त कराया गया. जिसके बाद 12:30 बजे परिजनों द्वारा हंगामा के बीच अस्पताल प्रबंधक मो तौसिफ द्वारा परिजनों को समझा-बुझा कर उसी एक सरकारी एंबुलेंस से दोनों प्रसूता को घर भेजा गया. साथ ही सुरक्षा गार्ड को निर्देश दिया कि कोई भी ऑटो महिला वार्ड में प्रवेश नहीं करेगा.
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