दादा-दादी व नाना-नानी परिवार के धरोहर, इन्हें दें सम्मान : प्रो रामादर्श

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मुंगेर : सरस्वती शिशु मंदिर शादीपुर के आत्म निवेदन प्रकोष्ठ में बुधवार को दादा-दादी, नाना-नानी सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. रामादर्श सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रद्युम्न कुमार सिंह, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति अध्यक्ष कौशल किशोर पाठक एवं प्राधानाचार्य अखिलेश पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. अतिथियों का परिचय शिशु वाटिका प्रमुख अल्पना शर्मा ने कराया. जबकि शिशु वाटिका सह प्रमुख सजीता ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि को विस्तारपूर्वक बताया.

मुख्य अतिथि प्रो. रामादर्श सिंह ने स्वास्थ्य संवर्धन के लिये योग पर बल देते हुए कहा कि भोजन के तुरंत बाद जल नहीं पीना चाहिए. सुबह उठकर घूंट-घूंट में पानी को पीयें. साथ ही आइसक्रीम का सेवन न करें. बच्चों के विकास के लिये आप भी उनके साथ बच्चे बन जायें. इसके लिये घर के बड़े बुजुर्गों का स्वस्थ रहना आवश्यक है. विद्यालय प्रबंधकारणी समिति अध्यक्ष ने दादा-दादी को परिवार का धरोहर बताया.
साथ ही कहा कि बुजुर्गों का सम्मान अति आवश्यक है. क्योंकि बच्चों को घर में सबसे अधिक लगाव अपने दादा-दादी और नाना-नानी से होता है. विद्यालय के प्राचार्य ने कहा कि जैसे दादा-दादी पहले सख्त अभिभावक बनकर सही-गलत का निर्णय लेते थे तो परिवार बचा रहता था. जबकि आज के आधुनिक समय में घर के बुजुर्गों को मान-सम्मान देना चाहिए.
ताकि जीवन में उनका मार्गदर्शन सदा मिलता रहे. इसके बाद अरुण उदय के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का संचालन कुमारी कंचन, धनंजय ज्ञान एवं गरिमा द्वारा किया गया. मौके पर उप प्रधानाचार्य उमाकांत पाठक, संजीव कुमार सिन्हा, विपिन कुमार चौरसिया, अंचला प्रसाद सहित अन्य मौजूद थे.
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