किसानों को दी आधुनिक खेती की जानकारी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मुंगेर : विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस पर गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र मुंगेर परिसर में किसानों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों के महिला-पुरुष किसानों ने भाग लिया. कार्यशाला का शुभारंभ कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान मुकेश कुमार तथा अन्य वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

कृषि विज्ञान के प्रधान ने कहा कि बदलते परिवेश में यह और भी आवश्यक है कि मृदा के स्वास्थ्य की रक्षा की जाये तथा मिट्टी का क्षरण रोका जाये. साथ ही कार्बनिक तत्वों का अधिकाधिक समावेश कर खेती की जाये तथा रासायनिक खेती को न्यूनतम स्तर पर लाया जाये. इसके अलावे उन्होंने फसल अवशेष का प्रबंधन कर उसे मिट्टी में मिला कर उपजाऊ मिट्टी बना सकते हैं. वैज्ञानिक डॉ विनोद कुमार द्वारा बताया गया कि फसलचक्र अपनाएं तथा दलहनी फसलों का समावेश करें.
मिट्टी जांच कराकर खेतों में रासायनिक खादों का व्यवहार करें. हरी खाद का उपयोग करें, वर्मी कंपोस्ट व वेस्ट डिकंपोजर का उपयोग करें. वैज्ञानिक ई. अशोक कुमार ने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के लिए आधुनिक मशीनों तथा रेंडवेड प्लॉटर, जीरो टीलेज मशीन से बुआई, स्प्रींकल सिस्टम, ड्रिप सिस्टम तथा हैप्पी सीडर से सीधी बोआई मृदा स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है.
प्रह्लाद कुमार ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र में मिट्टी जांच की सुविधा उपलब्ध है, जिसका लाभ किसान उठा सकते हैं. उन्होंने बताया कि मिट्टी में 17 प्रकार के तत्व आवश्यक होते हैं. किसी भी तत्व की कमी होने से उत्पादन और उत्पादकता पर असर डालती है. मौके पर वैज्ञानिक रीता लाल सहित अन्य मौजूद थे.
बरियारपुर : प्रखंड के बहादुरपुर गांव में दुर्गा मंदिर परिसर में विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शिविर आयोजित कर स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किसानों के बीच किया गया. शिविर का उद्घाटन संयुक्त निदेशक रसायन बिहार पटना के राम प्रकाश साहनी, सहायक अनुसंधान पदाधिकारी मुंगेर हरेंद्र सिंह, सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण मुंगेर लोलिता, जिला कृषि पदाधिकारी महेश प्रसाद सिंह एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी बरियारपुर इकबाल अहमद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया. कृषि अधिकारियों ने बताया कि उन्नत खेती करने के लिए उन्नत मिट्टी का होना जरूरी है.
मिट्टी में खेती करने के लिए कई प्रकार के गुणों की कमी पाई जाती है. इसलिए मिट्टी को कृषि विभाग द्वारा जांच कराने के उपरांत खेती करना किसानों के लिए फायदेमंद साबित होती है. शिविर में कृषि समन्वयक राजेश चौधरी, लतीफपुर रहमान, राजेश कुमार, प्रियंका कुमारी एवं कृषि सलाहकार राजीव कुमार, राजू सिंह, राजेश कुमार आदि उपस्थित थे.
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