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वसूली मामले में दो थानाध्यक्षों से पूछा गया स्पष्टीकरण

Updated at : 18 Mar 2019 1:08 AM (IST)
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वसूली मामले में दो थानाध्यक्षों से पूछा गया स्पष्टीकरण

मुंगेर : बालू वाहनों से लगातार वसूली मामले में पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मियों पर गाज गिर रही है. 8 मार्च से अब तक इस मामले में जहां एक थानाध्यक्ष निलंबित हो चुका है. वहीं चार सैप जवान, दो होमगार्ड एवं दो चौकीदार की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गयी है. जबकि दो थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण […]

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मुंगेर : बालू वाहनों से लगातार वसूली मामले में पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मियों पर गाज गिर रही है. 8 मार्च से अब तक इस मामले में जहां एक थानाध्यक्ष निलंबित हो चुका है. वहीं चार सैप जवान, दो होमगार्ड एवं दो चौकीदार की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गयी है.

जबकि दो थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण पूछा गया है कि क्यों नहीं आपके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाये. एसपी द्वारा की गयी लगातार कार्रवाई से बालू के अवैध कारोबार में पुलिस की मिलीभगत और पुलिस द्वारा अवैध वसूली की पोल भी खुल कर सामने आ गयी है.
अबतक दो थानाध्यक्षों सहित 9 पुलिसकर्मियों पर गिर चुकी है गाज : पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव मंगला द्वारा लगातार बालू वाहनों से लोगों के कुचले जाने पर कार्रवाई प्रारंभ की गयी. बताया जाता है कि जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा असरगंज में तीन ट्रक व हाइवा को ओवरलोड मामले में पकड़ा था. एक हाइवा पर बालू लदा हुआ था. जो एक राजनीतिक दल के नेता का था.
नेताजी ने असरगंज थाना से अपने हाइवा को छुड़ा लिया. इस मामले ने जब तूल पकड़ा तो पुलिस अधीक्षक ने असरगंज थानाध्यक्ष पवन कुमार सिंह को थानाध्यक्ष पद से हटा दिया. ठीक कुछ दिन बाद यानी 8 मार्च को शामपुर ओपी के सामने बेरियर पर पुलिस द्वारा ओवर लोड बालू वाहन से पैसा वसूल किया जा रहा था.
एसपी द्वारा इस मामले का सत्यापन कराया गया तो मामला सत्य पाया गया. एसपी ने शामपुर ओपी थाना के सामने बेरियर लगा कर पुलिस द्वारा वसूली करने के आरोप में ओपी प्रभारी विजय कुमार यादवेंदु को निलंबित कर दिया. जबकि दो सैप के जवान बलकार सिंह एवं शिवमन्नु सिंह की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गयी.
बरियारपुर चौक पर ओवरलोड बालू वाहनों से राशि वसूली मामले में राजकिशोर सिंह एवं उमेश सिंह को पकड़ा गया था और एसपी ने उसके सेवा समाप्ति की कार्रवाई प्रारंभ कर दी. जबकि बरियारपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार रंजन से स्पष्टीकरण पूछा गया था कि क्यों नहीं हो आपके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो.
इधर 16 मार्च को एसपी ने खड़गपुर थानाक्षेत्र के मोती लाल आर्यवत स्कूल के समीप बने चेक पोस्ट पर बालू वाहनों से वसूली मामले में खड़गपुर के सहायक अवर निरीक्षक उमेश चंद्र सिंह को निलंबित कर दिया.
जबकि गृहरक्षक अशोक कुमार यादव, दिनेश मंडल एवं चौकीदार विशुनदेव मंडल व संजय तांती की सेवा समाप्ति की कार्रवाई प्रारंभ कर दी. साथ ही थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह से स्पष्टीकरण पूछा कि क्यों नहीं आपके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो.
बालू के काले कारोबार और पुलिस वसूली का भेद : एसपी द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से न सिर्फ पुलिस द्वारा ओवरलोड बालू वाहनों से अवैध वसूली का पर्दाफाश हुआ. बल्कि बालू के बड़े काले कारोबार का भी खुलासा हुआ है.
क्योंकि बालू उत्खन्न पर रोक रहने के बावजूद तारापुर अनुमंडल के कहुआ, मनिया सहित अन्य घाटों से बड़े पैमाने पर बालू का कारोबार हो रहा है.
जबकि खड़गपुर अनुमंडल क्षेत्र के अगैया नदी, मणि नदी, मुहाने नदी, जोकिया नदी से बालू का अवैध रूप से बालू उत्खनन का खेल चल रहा है. जो सिंडिकेट के माध्यम से हो रहा है. इस सिंडिकेट में माफिया, पुलिस, खनन, परिवहन एवं स्थानीय प्रशासन शामिल है. जिसके कारण बालू का इतना बड़ा कारोबार संचालित हो रहा है.
तभी तो 16 मार्च को एक दिन की कार्रवाई में सदर एसडीपीओ सह एएसपी हरिशंकर कुमार ने सफियासराय ओपी क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध बालू लदा 10 ट्रक, 9 ट्रैक्टर एवं 4 ट्रेलर को चालक सहित पकड़ा. इतना ही नहीं धरहरा थाना क्षेत्र में भी एक ट्रैक्टर को जप्त किया. जिस पर अवैध बालू लदा हुआ था. इस बात से तो यह साबित हो ही चुका है कि मुंगेर में किस तरह बालू का अवैध काला कारोबार संचालित हो रहा है.
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