एमडी डिग्रीधारी ही चला पायेंगे पैथोलॉजी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से संचालकों की उड़ी नींद

Published at :03 Feb 2018 6:16 AM (IST)
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एमडी डिग्रीधारी ही चला पायेंगे पैथोलॉजी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से संचालकों की उड़ी नींद

मुंगेर : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पैथोलॉजी संचालन से जुड़े लोगों में खलबली मच गयी है़ जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पैथोलॉजी संचालन के लिए न्यूनतम डिग्री एमडी पैथो होगी़ ऐसे में अपनी-अपनी दुकान चला रहे पैथो संचालकों की मुश्किलें अब बढ़ने वाली है़ क्योंकि अब सामान्य एमबीबीएस डिग्रीधारी […]

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मुंगेर : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पैथोलॉजी संचालन से जुड़े लोगों में खलबली मच गयी है़ जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पैथोलॉजी संचालन के लिए न्यूनतम डिग्री एमडी पैथो होगी़ ऐसे में अपनी-अपनी दुकान चला रहे पैथो संचालकों की मुश्किलें अब बढ़ने वाली है़ क्योंकि अब सामान्य एमबीबीएस डिग्रीधारी पैथोलॉजी चलाने के लिए अधिकृत नहीं होंगे. जबकि दूसरी ओर मुंगेर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में ऐसे सैकड़ों पैथोलॉजी अवैध रूप से चल रहे. जिसमें कोई एमबीबीएस डिग्रीधारी भी नहीं है. पैथोलॉजिकल जांच का प्रशिक्षण प्राप्त कर लोग पैथोलॉजी खोल लिये हैं. मुंगेर शहर के मेडिकल मंडी बड़ा बाजार में ऐसे पैथलॉजियों की संख्या काफी है जो बिना वैध डिग्री व मापदंड के चल रहे हैं.

आधिकांश पैथोलॉजी में लग सकता है ताला : मालूम हो कि बिहार राज्य एमडी पैथोलॉजी संचालक एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी़ याचिका में 12 दिसंबर को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा है कि अब सिर्फ एमडी डिग्री धारक डॉक्टर ही पैथोलॉजी का संचालन कर पायेंगे़ खास बात यह है कि जिले भर में लगभग 200 से अधिक पैथोलॉजी वर्तमान समय में संचालित है. जिसमें इक्का-दुक्का ही मानकों के तहत संचालित हो रहे हैं. बांकी पैथोलॉजी मानक विहीन चल रहे. वहीं अब एमबीबीएस डिग्री लेकर पैथोलॉजी चलाने वालों की भी समस्या बढ़ गयी है.
फर्जी पैथोलॉजी संचालकों की कट रही चांदी : फर्जी पैथोलॉजी संचालन के लिए न तो डिग्री चाहिए और न ही किसी मापदंड की जरूरत है़ शहर में अधिकांश पैथोलॉजी एमबीबीएस डिग्री धारक की ही है़ ऐसे में ये सभी पैथोलॉजी बंद हो जायेंगे़ जिसका प्रत्यक्ष लाभ फर्जी पैथोलॉजी संचालकों को मिलना तय है़ फर्जी पैथोलॉजी संचालक आम लोगों का आर्थिक दोहन करने में जरा भी कोताही नहीं बरतते हैं. ऐसे में यदि एमबीबीएस डिग्री धारकों का पैथोलॉजी सेंटर बंद हो गया तो फर्जी सेंटर वालों की निश्चित रूप से बल्ले-बल्ले होगी़
कहते हैं सिविल सर्जन : सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रतिलिपि उन्हें अब तक प्राप्त नहीं हुए है़ प्रतिलिपि प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी़ जिसके तहत पैथोलॉजी संचालकों के डिग्री की जांच होगी तथा कोर्ट के निर्देश का हर हाल में पालन किया जायेगा़
सुप्रीम कोर्ट का आदेश : पैथोलॉजी संचालन के लिए न्यूनतम डिग्री एमडी पैथो होने से जिले के अधिकांश पैथोलॉजी हो जायेंगे बंद
सरकारी व निजी सेंटरों पर भी पड़ेगा असर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पैथोलॉजी सेंटर चलाना इतना आसान नहीं होगा़ एमडी धारक ही पैथोलॉजी संचालन कर पायेंगे़ इसका प्रत्यक्ष प्रभाव निजी व सरकारी स्तर से संचालित सेंटरों पर पड़ना तय है़ यहां तक कि सरकारी स्तर से संचालित सरकारी अस्पतालों में चल रहे पैथोलॉजी सेंटरों में एमबीबीएस, बीएचएमएस और बीएएमएम डिग्री धारक डॉक्टर ही पदस्थापित हैं जो अब उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद पैथोलॉजिकल जांच करने के लिए वैध नहीं रह गये.
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