सूचना मिलने के बाद भी शव लाने जंगल नहीं गयी पुलिस

Published at :28 Nov 2017 5:59 AM (IST)
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सूचना मिलने के बाद भी शव लाने जंगल नहीं गयी पुलिस

सनसनी. खड़गपुर में वर्षों बाद हुई नक्सली वारदात से दहशत किसान राजेंद्र की हत्या से सहमे हैं जटातरी गांव के लोग पुलिस ने घटनास्थल से शव को लाने से किया इनकार ग्रामीणों ने लाया शव पुलिस ने पूरी की कागजी प्रक्रिया हवेली खड़गपुर : नक्सलियों ने राजेंद्र राय की हथियार से काट कर हत्या कर […]

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सनसनी. खड़गपुर में वर्षों बाद हुई नक्सली वारदात से दहशत

किसान राजेंद्र की हत्या से सहमे हैं जटातरी गांव के लोग
पुलिस ने घटनास्थल से शव को लाने से किया इनकार
ग्रामीणों ने लाया शव पुलिस ने पूरी की
कागजी प्रक्रिया
हवेली खड़गपुर : नक्सलियों ने राजेंद्र राय की हथियार से काट कर हत्या कर दी. नक्सल प्रभावित खड़गपुर में वर्षों बाद हुए नक्सली वारदात से पूरे क्षेत्र में भय और दहशत कायम हो गया है. पहाड़ की तराई से सटे जटातरी गांव के लोग इस बात से सहमे हैं कि पुन: माओवादी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है. वैसे राजेंद्र राय की हत्या माओवादियों ने क्यों की, इस बात का खुलासा न तो परिजन कर रहे और न ही पुलिस इसे नक्सली वारदात मान रही.
पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने कहा कि चूंकि राजेंद्र का न तो माओवादियों से कोई दुश्मनी थी और न ही वह पुलिस का मुखबिर था तो फिर क्यों उसकी हत्या की गयी. वैसे पुलिस हर बिंदु पर गहराई से जांच कर रही.
घटनास्थल पर जाने से पुलिस ने किया इनकार
परिजनों ने कहा, घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस घटनास्थल से शव को लाने को तैयार नहीं हुई. पुलिस घटनास्थल पर भी नहीं गयी. अंतत: परिजनों को घटनास्थल से शव को उठाकर अपने घर लाना पड़ा. जब परिजन राजेंद्र के शव को तितपनिया जंगल से उठाकर घर लाया, तब पुलिस उसके घर से शव को बरामद कर कागजी प्रक्रिया पूरी की और फिर उसे अंत्यपरीक्षण के लिए मुंगेर भेजा.
राजेंद्र ने की थी दो शादी
बताया जाता है कि राजेंद्र राय की दो शादी थी. पहली पत्नी मीरा देवी है. जिससे चार पुत्र पंकज, गौतम, गुंजेश व गोविंदा व दो पुत्री पूनम व वर्षा है. जबकि दूसरी पत्नी छेदिया देवी से दो बेटा और एक बेटी है. बेटा राहुल कुमार व अनुपम कुमार हैं. सभी एक ही साथ रहते हैं.
पत्नी है घटना की चश्मदीद
राजेंद्र राय का अपहरण उसकी पत्नी के समक्ष ही की गयी. पत्नी छेदिया देवी का कहना है कि उसके समक्ष ही चार की संख्या में माओवादी उसके तितपनिया स्थित खेत पर पहुंचे और राजेंद्र का अपहरण कर लिया. उसने कहा कि बंदूक, तीर व कुल्हाड़ी से लैस जब उसके पति को बुलाकर ले जाने लगा तो वह भी पीछे-पीछे चलने लगी. तब नक्सलियों ने कहा कि तुम मत मेरे पीछे आओ, तुम्हारे पति को पूछताछ कर छोड़ देंगे. लेकिन माओवादी उसके पति की कुल्हाड़ी से गर्दन काट कर हत्या कर दी. माओवादियों ने राजेंद्र को क्यों मारा इस पर उसकी पत्नी कोई मुकम्मल जवाब नहीं दे पाती है.
दहशत में हैं ग्रामीण
राजेंद्र राय की हत्या के बाद जटातरी एवं आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीण दहशत में हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जिस प्रकार राजेंद्र को खेत से उठाकर माओवादियों ने हत्या कर दी, उससे पूरे इलाके में एक बार फिर नक्सली धमक दिखने लगी है. चूंकि पूर्व में भी कई बार माओवादियों ने इसी प्रकार की घटना को अंजाम दिया था. खड़गपुर के मधुबन दरियारपुर के मुखिया अरुण कुमार यादव को भी माओवादी घर से उठाकर ले गये थे और उसकी गला काट कर हत्या कर दी थी.
कहते हैं डीएसपी
खड़गपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पोलस्त कुमार ने बताया कि मृतक के परिजन नक्सलियों द्वारा राजेंद्र की हत्या की बात बता रहे हैं. इस मामले में उसकी पत्नी छेदिया देवी के बयान चार लोगों के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.
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