पानी को तरस रहे मरीज
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Jul 2017 3:29 AM (IST)
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सदर अस्पताल में दर्जन भर चापाकल व समरसेबल बेकार सदर अस्पताल की हालत ऐसी हो गयी है कि यहां आये मरीज बगैर पानी के अौर बीमार हो जायें. मरीज के परिजनों को भी खासी परेशानी उठानी पड़ती है. इस अोर ध्यान देने की अावश्यकता है. मुंगेर : सदर अस्पताल में पेयजल के लिए लाखों रुपये […]
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सदर अस्पताल में दर्जन भर चापाकल व समरसेबल बेकार
सदर अस्पताल की हालत ऐसी हो गयी है कि यहां आये मरीज बगैर पानी के अौर बीमार हो जायें. मरीज के परिजनों को भी खासी परेशानी उठानी पड़ती है. इस अोर ध्यान देने की अावश्यकता है.
मुंगेर : सदर अस्पताल में पेयजल के लिए लाखों रुपये खर्च किये जाने के बावजूद भी यहां के मरीज पानी के लिए तरस रहे हैं. यूं तो अस्पताल परिसर में दर्जन भर से अधिक चापाकल व समरसेबल लगाये जा चुके हैं, किंतु उसमें से अधिकांश खराब पड़े हुए हैं. वहीं विभिन्न वार्डों में लगाये गये वाटर प्यूरीफायर महज शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है़ नतीजतन अस्पताल में भरती मरीज व ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीज बोतलबंद पानी खरीद कर प्यास बुझाने को मजबूर हैं.
पेयजल के नाम पर हुए लाखों खर्च
सदर अस्पताल में पेयजल के नाम पर लाखों रुपये खर्च किये जा चुके हैं, इसके बावजूद अस्पताल में मरीजों की प्यास नहीं बुझ पा रही है़ कभी चापाकल के नाम पर तो कभी समरसेबल के नाम पर सरकारी राशि को पानी के तरह बहा दिया गया़ इतना ही नहीं मरीजों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के नाम पर अब तक दर्जनों वाटर प्यूरीफायर लगाये जा चुके हैं. किंतु मरीजों को आज भी शुद्ध पेयजल के लिए अपनी जेब ढीली करना पड़ रहा है़
खराब पड़े हैं चापाकल व समरसेबल: सदर अस्पताल के पुरुष विभाग के समीप तीन चापाकल, दवा काउंटर के समीप एक चापाकल तथा महिला विभाग में तीन चापाकल वर्षों से खराब पड़े हुए हैं. वहीं ब्लड बैंक का समरसेबल तथा महिला वार्ड के समीप लाखों खर्च कर बनाये गये प्याऊ भी बंद पड़ा हुआ है़ इस कारण शौच के लिए पानी मिल पाना तो दूर, मरीजों को पीने के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है.
वाटर प्यूरीफायर बना शोभा की वस्तु: अस्पताल प्रबंधन ने पुरुष विभाग, डॉक्टर ड्यूटी रूम, इमरजेंसी वार्ड, जीओपीडी, प्रसव केंद्र, महिला सर्जिकल वार्ड तथा ब्लड बैंक के समीप लाखों रुपये खर्च कर वाटर प्यूरीफायर लगाया है़ किंतु इनमें से पुरुष विभाग, महिला सर्जिकल वार्ड, प्रसव केंद्र तथा ब्लड बैंक का वाटर प्यूरीफायर खराब पड़ा हुआ है़ वहीं इमरजेंसी वार्ड के समीप लगाये गये वाटर प्यूरीफायर को वहां से हटा दिया गया़ इस व्यवस्था के कारण मरीजों को नि:शुल्क सेवा वाले अस्पताल में पानी भी खरीद कर पीना पड़ रहा है़
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