2012 में प्रारंभ होनी थी शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति

मुंगेर : 2005 में नयी शहरी जलापूर्ति योजना की व्यवस्था की गयी. कागजी प्रक्रिया के बीच 2007 में इसकी प्रशासनिक स्वीकृति मिली और 2009 में कार्य प्रारंभ हुआ. अब तक योजना पर 41 करोड़ से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है, लेकिन शहर वासी प्यासे ही हैं. सर्व प्रथम 2007 में 12.80 करोड़ कस्तूरबा […]
मुंगेर : 2005 में नयी शहरी जलापूर्ति योजना की व्यवस्था की गयी. कागजी प्रक्रिया के बीच 2007 में इसकी प्रशासनिक स्वीकृति मिली और 2009 में कार्य प्रारंभ हुआ. अब तक योजना पर 41 करोड़ से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है, लेकिन शहर वासी प्यासे ही हैं. सर्व प्रथम 2007 में 12.80 करोड़ कस्तूरबा वाटर वर्क्स के जीर्णाेद्धार के नाम पर खर्च कर दिया गया.
जब महसूस हुआ कि इससे कुछ नहीं होगा तो 2007 में शहरी जलापूर्ति योजना को लेकर डीपीआर तैयार किया गया. 2009 में मुंगेर शहरी जलापूर्ति योजना का कार्य प्रारंभ हुआ. 28.45 करोड़ की लागत से पुन: टेंडर निकला और 8 जनवरी 2011 को योजना का कार्य पूर्व की कंपनी से छीन कर देश की बड़ी कंपनी जिंदल को सौंपा दिया गया. इस कार्य को 8 जुलाई 2012 को पूर्ण होना था, जो अब तक अधूरा है.
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