भय से नौकरी छोड़ने को मजबूर हैं जवान
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :07 Jul 2017 4:37 AM (IST)
विज्ञापन

परिवार के सदस्यों की हत्या कर खुले में घूम रहे आरोपित मुंगेर : अपराधी और पुलिस गठजोड़ के कारण लखीसराय पुलिस मेंस एसेसिएशन के अध्यक्ष बंदे यादव टूट चुके हैं. अपराधियों ने पहले उसके पिता और बाद में दो भाइयों की हत्या कर दी. लेकिन अपराधी आज भी खुले में घूम रहा है. अपराधियों का […]
विज्ञापन
परिवार के सदस्यों की हत्या कर खुले में घूम रहे आरोपित
मुंगेर : अपराधी और पुलिस गठजोड़ के कारण लखीसराय पुलिस मेंस एसेसिएशन के अध्यक्ष बंदे यादव टूट चुके हैं. अपराधियों ने पहले उसके पिता और बाद में दो भाइयों की हत्या कर दी. लेकिन अपराधी आज भी खुले में घूम रहा है. अपराधियों का दहशत इस कदर बंदे यादव पर है कि वे स्वेच्छा से नौकरी से इस्तीफा तक देने को विवश हो गये हैं. हाल यह है कि लखीसराय में बंदे यादव, मुंगेर में बंदे यादव की पत्नी व बच्चे व बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के छर्रापट्टी में उसके भाई व विधवा भाभी सभी दहशत में हैं. दहशतजदा बंदे यादव का कहना है कि अगर न्याय नहीं मिला, तो अपराधी के हाथ से मरने से बेहतर होगा कि मैं पूरे परिवार के साथ आत्महत्या कर लूं.
अनुसंधानकर्ता दारोगा पर लगाया गंभीर आरोप : बंदे यादव की भाभी एवं मृतक शंभु यादव की पत्नी रूबी देवी ने डीआइजी को एक ज्ञापन देकर
अपराधियों के हाथों…
कहा कि वह बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के छर्रापट्टी गांव में रहती है. उसके पति शंभु यादव की हत्या पंचायत चुनाव को लेकर मुखिया पति अजय यादव, विजय यादव, संजय यादव, एसपी यादव सहित अन्य ने मिल कर 11 जून 2017 की शाम को कर दी. गोली लगते ही थानाध्यक्ष भी वहां पहुंचे. उन्होंने मेरे घायल पति को पुलिस जीप से अस्पताल भेज दिया. जबकि मेरे पति पुलिस को मारनेवाले लोगों का नाम बता रहे थे. लेकिन ग्रामीणों के समक्ष उनका बयान भी नहीं लिखा. मेरे पति के हत्यारे आज भी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं एवं मुझे व मेरे बच्चों को डरा धमका रहे हैं. थानाध्यक्ष अपराधियों से मिले हुए हैं. उन्होंने इस दिशा में ठोस कार्रवाई की मांग की है.
तीन की जा चुकी जान, नहीं मिला हथियार : लखीसराय पुलिस मेंस एसेसिएशन के अध्यक्ष बंदे यादव ने कहा कि वर्ष 1986 में अपराधियों ने मेरे पिता चालो यादव की हत्या कर दी थी. जबकि 1995 में उसके भाई रंजीत यादव की हत्या कर दी. इसी वर्ष जून में मेरे भाई शंभु यादव को भी मार दिया. मेरा पूरा परिवार दहशत में है. घर पर एक भाई पिंकु यादव जिंदा है. जो सूर्य डूबने से पहले घर में दुबक जाता है. क्योंकि
अपराधी कभी भी मेरे भाई की हत्या कर सकते हैं. मैं और मेरा परिवार मुंगेर के लालदरवाजा में रहते हैं. जबकि मैं लखीसराय जिला बल में तैनात हूं. लगातार घट रही घटना के कारण मैंने वर्ष 2010 में मुंगेर जिला में राइफल के लाइसेंस के लिए आवेदन किया. दो-दो बार मेरा इंटरव्यू हुआ, लेकिन आज तक हथियार का लाइसेंस नहीं मिला. मैंने इस संबंध में प्रमंडलीय आयुक्त को भी ज्ञापन देकर गुहार लगायी है. लगता है कि अब अपराधियों द्वारा मेरी भी हत्या करने की योजना बनायी जा रही है.
बंदे ने मांगी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति : एक के बाद एक परिजनों की हत्या से सहमे बंदे यादव ने 28 जून को पुलिस अधीक्षक लखीसराय को पत्र देकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की मांग की है. इसमें उसने कहा कि वह 24 वर्षों से बिहार पुलिस की नौकरी कर रहा है. मेरे पिता के साथ-साथ मेरे दो भाई की हत्या अपराधियों ने कर दी. अपराधियों द्वारा कभी भी मेरी हत्या कर दी जायेगी. इसलिए मुझे स्वेच्छा पूर्ण सेवानिवृत्ति दी जाये.
रफा-दफा करने में लगी है पुलिस : बंदे यादव ने कहा कि एक के बाद एक मेरे परिजनों की हत्या अपराधी कर रहे हैं. लेकिन पुलिस पदाधिकारी व अपराधी मिले हुए हैं. अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है और पुलिस पदाधिकारी हत्याकांड को रफा-दफा करने में लगे हैं. सुरक्षा के लिए हथियार का लाइसेंस तक नहीं दिया जा रहा है. ऐसी परिस्थिति में शेष बचे मेरे पूरे परिवार की जान पर खतरा है.
मामले की जानकारी मिली है. जांच की जा रही है. जो भी दोषी अपराधी है, उसे पकड़ा जायेगा. दोषी पुलिस अधिकारी भी नपेंगे.
मंजू झा, डीआइजी, मुंगेर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










