जिप के चार शिक्षकों का नियोजन रद्द

Published at :06 Jul 2017 5:34 AM (IST)
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जिप के चार शिक्षकों का नियोजन रद्द

जाली प्रमाण पत्र के आधार पर जिला परिषद में बने थे शिक्षक मुंगेर : जाली प्रमाण पत्र के आधार पर जिला परिषद नियोजन इकाई द्वारा नियोजित चार शिक्षकों का नियोजन रद्द किया गया है. अब तक इस प्रकार के मामले में कुल नौ शिक्षकों का नियोजन रद्द किया जा चुका है, जबकि अन्य नियोजित शिक्षकों […]

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जाली प्रमाण पत्र के आधार पर जिला परिषद में बने थे शिक्षक

मुंगेर : जाली प्रमाण पत्र के आधार पर जिला परिषद नियोजन इकाई द्वारा नियोजित चार शिक्षकों का नियोजन रद्द किया गया है. अब तक इस प्रकार के मामले में कुल नौ शिक्षकों का नियोजन रद्द किया जा चुका है, जबकि अन्य नियोजित शिक्षकों के सर्टिफिकेट की गुपचुप तरीके से जांच करायी जा रही है.
जिप नियोजन इकाई के सचिव सह डीडीसी रामेश्वर पांडेय ने फर्जी बीएड की डिग्री पर नौकरी करने वाले चार शिक्षकों का नियोजन रद्द कर दिया है. इसमें धरहरा प्रखंड के हाइस्कूल अदलपुर अमारी की अंगरेजी शिक्षिका विनीता आनंद, हाइस्कूल मासूमगंज असरगंज के गणित शिक्षक मुकेश कुमार, उच्च विद्यालय लडूई हवेली खड़गपुर के गणित शिक्षक कृष्णानंद शर्मा व एसबीआरआइ प्रोजेक्ट कन्या हाइस्कूल संग्रामपुर के सामाजिक विज्ञान के शिक्षक दिलीप कुमार शामिल हैं.
बताया गया कि नियोजन के समय इन शिक्षकों ने छत्तीसगढ़ राज्य से बीएड पास करने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था. बीएड के प्रमाण-पत्र को जांच के लिए छत्तीसगढ़ के उस विश्वविद्यालय को भेजा गया था. वहां से रिपोर्ट भेजा गया कि इस नाम से किसी भी छात्र-छात्रा यहां से पढ़ाई नहीं की है और यह प्रमाण पत्र यहां से निर्गत नहीं किया गया. इसके बाद डीडीसी ने इन शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा था. इसमें शिक्षक प्रमाण पत्र सही होने का किसी प्रकार का कोई दावा प्रस्तुत नहीं कर पाये. इसके कारण इनका नियोजन रद्द कर दिया गया. विदित हो कि 31 मार्च को इन अभ्यर्थियों को जिला परिषद में नियोजन पत्र दिया गया था.
कहते हैं डीडीसी
नियोजन इकाई के सचिव सह डीडीसी रामेश्वर पांडे ने कहा कि जिसने भी गलत प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर नियोजन पत्र प्राप्त किया है. उनकी नौकरी तो खत्म होगी ही, उन पर जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जायेगा. 31 मार्च 2017 को जिन अभ्यर्थियों को नियोजन पत्र दिया गया था. इसमें नौ का प्रमाण पत्र अब तक की जांच में फर्जी पाया गया है. इनका नियोजन रद्द किया जा चुका है.
पूर्व में भी फरजी प्रमाण-पत्र के कारण पांच शिक्षकों का नियोजन रद्द किया जा चुका है. इसमें उत्क्रमित माध्यमिक मध्य विद्यालय बोचाही में पदस्थापित बांका जिला के शंभुगंज निवासी हिमांशु कुमार, उत्क्रमित माध्यमिक मध्य विद्यालय अग्रहण हवेली खड़गपुर में पदस्थापित मुंगेर शहर के बेलन बाजार निवासी शरद, उच्च विद्यालय अदलपुर अमारी धरहरा रणधीर कुमार व आरएन रामानंद उच्च विद्यालय रणगांव तारापुर के सुबंधु सौरभ के विरुद्ध कार्रवाई की गयी थी.
विदित हो कि 31 मार्च को जिला परिषद शिक्षक नियोजन इकाई द्वारा माध्यमिक शिक्षक के तौर पर सोशल साइंस विषय में अभ्यर्थियों को नियोजन पत्र दिया गया था. इनका सात अप्रैल को नियोजन रद्द कर दिया गया. इधर एक संगीत शिक्षक का भी नियोजन रद्द कर दिया गया. नियोजन के समय अभ्यर्थी ने अंक बढ़ा कर प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था. जांच में प्रमाण पत्र फर्जी साबित होने के बाद स्वर सुधा हंस का नियोजन रद्द कर दिया गया. वह उच्च विद्यालय बैजलपुर, खड़गपुर में पदस्थापित था.
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