डॉक्टर के इंतजार में मरीजों की थकीं आंखें

Published at :29 Jun 2017 5:16 AM (IST)
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डॉक्टर के इंतजार में मरीजों की थकीं आंखें

नेत्र विभाग में ड्यूटी पर नहीं पहुंचे चिकित्सक, बिना इलाज कराये ही लौटे मरीज मुंगेर : आंखों की देखभाल को लेकर न सिर्फ लोग स्वयं काफी सावधान रहते हैं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग भी इसके लिए विभिन्न प्रकार की चिकित्सकीय सुविधा के अलावे जागरूकता कार्यक्रम चला रखा है़ किंतु सदर अस्पताल मुंगेर में चिकित्सकों के लापरवाही […]

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नेत्र विभाग में ड्यूटी पर नहीं पहुंचे चिकित्सक, बिना इलाज कराये ही लौटे मरीज

मुंगेर : आंखों की देखभाल को लेकर न सिर्फ लोग स्वयं काफी सावधान रहते हैं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग भी इसके लिए विभिन्न प्रकार की चिकित्सकीय सुविधा के अलावे जागरूकता कार्यक्रम चला रखा है़ किंतु सदर अस्पताल मुंगेर में चिकित्सकों के लापरवाही के कारण नेत्र मरीजों को खासे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है़ बुधवार को नेत्र विभाग चिकित्सक के उपस्थित नहीं रहने के कारण दर्जनों मरीजों को बिना आंख का इलाज कराये ही वापस घर लौटना पड़ा़
ओपीडी में ड्यूटी पर नहीं पहुंचे चिकित्सक: बुधवार को प्रात:कालीन ओपीडी के दौरान नेत्र विभाग के दरबाजे तो सुबह 8 बजे ही खोल दिये गये़ किंतु ओपीडी में मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सक नहीं पहुंचे़ जबकि ओपीडी में इलाज कराने के लिए लिए लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही थी़ सुबह 10 बजे जब प्रभात खबर की टीम ओपीडी में पहुंची तो वहां पर चिकित्सक के इंतजार में बैठे दर्जन भर से अधिक मरीजों की आंखें थक रही थी़ं
मरीजों को जब यह पता चला कि अब चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं आयेंगे, जब मरीज मायूस हो कर वापस अपने घर के लिए प्रस्थान करने लगे़ कई मरीजों के पुरजे पर नेत्र सहायक खुद से ही दवाइयां लिख रहे थे, जो कि पूरी तरह गलत है़
मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी: जाफरनगर दियारा से आये नेत्र मरीज सुधांशु कुमार ने कहा कि वे अपना सारा काम छोड़ कर इलाज कराने सदर अस्पताल आये. किंतु अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के कारण अब उसे बिना इलाज कराये ही वापस जाना पड़ रहा है़ वहीं रामगढ़ निवासी शिव शंकर चौधरी, गार्डन बाजार निवासी शालिग्राम केशरी, मोहनपुर निवासी राखी देवी तथा शिवनगर निवासी शिरोमणी देवी ने कहा कि नेत्र विभाग में प्राय: ऐसी समस्या बनी रहती है़ बावजूद अस्पताल प्रबंधन इस पर ध्यान नहीं देती है़ इस कारण हर हाल में मरीजों को ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है़
कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि जिस नेत्र चिकित्सक की छुट्टी से वापस नहीं लौटे हैं. फिलहाल शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को ही नेत्र रोगियों का इलाज करने को कहा गया है़
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