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Motihari: मेडिकल के लिए नव नियुक्त प्रधानाध्यापकों ने किया हंगामा, सीएस ऑफिस बंद कर भागे कर्मी

Updated at : 24 Jul 2025 6:52 PM (IST)
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Motihari: मेडिकल के लिए नव नियुक्त प्रधानाध्यापकों ने किया हंगामा, सीएस ऑफिस बंद कर भागे कर्मी

सदर अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट लेने पहुंचे नव नियुक्त प्रधानाध्यापकों ने जमकर हंगामा किया.

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Motihari: मोतिहारी. सदर अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट लेने पहुंचे नव नियुक्त प्रधानाध्यापकों ने जमकर हंगामा किया. गुरुवार को मेडिकल प्रमाण-पत्र के लिए सैकड़ों की संख्या में प्रधानाध्यापक सीएस कार्यालय पहुंचे थे. जहां प्रमाण-पत्र मिलने पर विलंब के कारण प्रधानाध्यापकोंं ने बवाल काटा. इस दौरान सीएस कार्यालय में ताला लटका हुआ था, वही कर्मी व स्टोनों गायब थे. स्थिति को देख अस्पताल गार्ड ने मोर्चा संभाला और प्रमाण- पत्र वितरण करने के आश्वासन के बाद प्रधानाध्यापकों का गुस्सा शांत हुआ. हालांकि इस दौरान दो से तीन दर्जन लोगों को ही प्रमाण-पत्र मिला. इनमें कई लोग अनुपस्थित रहे तो कुछेक आवेदकों का प्रमाण पत्र बना ही नहीं था. जिसके कारण उन्हें घंटों इंतजार के बाद भी बैरंग वापस जाना पड़ा. प्रमाण-पत्र लेने पहुंचे आवेदक विभाष चंद्र चिंटू कुमार, मनोज यादव ने बताया कि जिले में करीब दो हजार नवनियुक्त प्रधानाध्यापक है. सभी को मेडिकल प्रमाण-पत्र की आवश्यकता है. लेकिन इसके लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा कोई काउंटर व अन्य व्यवस्था नहीं की गयी है. जिसके कारण अव्यवस्था की स्थिति बन गयी है.मेडिकल आवेदकों को सीएस कार्यालय से आवेदन जमा करने पर कोई रिसिविंग नहीं दी जाती है. विभाष चंद्र चिंटू कुमार, मनोज यादव ने कहा कि इसी का लाभ उठाकर सीएस कार्यालय के कर्मी व स्टोनों गड़बड़ी कर रहे हैं. आरोप लगाया कि प्रमाण पत्र के लिए 500 रुपये तक वसूला जा रहा है.

1988 प्रधानाध्यापक को चाहिए मेडिकल

जिले के विभिन्न स्कूलों में नवनियुक्त प्रधानाध्यापकों को मेडिकल की आवश्यकता है. इनकी संख्या करीब 19 सौ 88 है. इनमें 16 सौ 44 प्रधानाध्यापक प्राइमरी व मिडिल स्कूल के है, वही 344 प्रधानाध्यापक हाई स्कूल के है. विभागीय निर्देश के आलोक में सभी को 15 दिनों के भीतर मेडिकल प्रमाण-पत्र के साथ संबंधित कागजात जमा करने के निर्देश है. इनमें 21 जुलाई से 4 अगस्त के बीच प्रधानाध्यापकों को आवश्यक कागजात जमा कर देना है.

कहते हैं सीएस

पूर्व से बहाली प्रक्रिया के तहत मेडिकल प्रमाण पत्र जारी दिया जा रहा है. किसी तरह की गड़बड़ी व अवैध उगाही का आरोप गलत है. मेडिकल फीटनेश काउंटर साइन के बाद ही सर्टिफिकेट जारी होता है, इनदिनों आवेदन की संख्या बढ़ने और आवेदकों की जरूरत को देखते हुए दिन में तीन से चार बार कार्यालय से लेकर आवास तक आवेदनों का निष्पादन करता हूं. अवेदक जल्दी को ले उतावला हो जा रहे है, उन्हें भी धैय रखना होगा.

डॉ रविभूृषण श्रीवास्तव,

सीएस, पूर्वी चंपारण

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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