Motihari: आंधी-बारिश के बाद भीगी लकड़ियां बटोरते दिखे बच्चे, सामने आई गरीबी की तस्वीर

Published by :Aniket Kumar
Published at :30 Apr 2026 10:13 AM (IST)
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बच्चियों के सिर पर लकड़ियों की गठरी (AI जेनरेटेड)

Motihari News: मोतिहारी में तेज आंधी और बारिश के बाद एक मार्मिक दृश्य सामने आया. गांधी मैदान और कलेक्ट्रेट के पास छोटे-छोटे बच्चे भीगी लकड़ियां बटोरते नजर आए. इन बच्चों के चेहरों पर रोजी-रोटी की चिंता साफ झलक रही थी. पढे़ं पूरी खबर…

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Motihari News: बुधवार की शाम आई तेज आंधी और बारिश ने पूर्वी चंपारण में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए और कई जगह लकड़ियां बिखर गईं. लेकिन इसी बीच गांधी मैदान और समाहरणालय परिसर के आसपास एक मार्मिक तस्वीर सामने आई, जहां छोटे-छोटे बच्चे भीगी लकड़ियां बटोरते नजर आए.

भीगी लकड़ियां चुनते बच्चे

बारिश थमने के बाद जहां लोग अपने घरों में लौट गए, वहीं ये नौनिहाल टहनियां चुनकर उन्हें एक जगह इकट्ठा करते दिखे. फिर लकड़ी के गट्ठर बनाकर सिर पर उठाते हुए वे समाहरणालय गेट की ओर जाते नजर आए. इन बच्चों के चेहरों पर खेल-कूद की जगह रोजी-रोटी की चिंता साफ झलक रही थी.

पढ़ाई की उम्र में जिम्मेदारी का बोझ

शहर के एक ओर जहां बच्चे स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ बच्चे अपने परिवार के चूल्हे की लकड़ी जुटाने में लगे हैं. यह दृश्य सामाजिक और आर्थिक असमानता को उजागर करता है, जो विकास की हकीकत पर सवाल खड़ा करता है.

सवालों के घेरे में बचपन और योजनाएं

यह स्थिति कई सवाल छोड़ती है कि क्या ये बच्चे शिक्षा से वंचित हैं और क्या सरकारी योजनाओं का लाभ इन्हें मिल पा रहा है. पूर्वी चंपारण के 28 प्रखंडों में लगभग 6 हजार आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देना है, लेकिन जमीनी तस्वीर कुछ और ही बयां करती है.

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मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट

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Aniket Kumar

लेखक के बारे में

By Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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