मोतिहारी: आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-35 में 11 बजे नहीं मिली सेविका-सहायिका, बच्चे भी रहे गायब
आंगनबाड़ी केंद्र पर रखा सिर्फ बोर्ड
पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. इंद्रानगर भवानीपुर स्थित केंद्र संख्या-35 का निरीक्षण करने पर 11 बजे न सेविका, न सहायिका और न ही बच्चे मिले. वजन मशीन सहित कई जरूरी सुविधाएं भी नदारद थीं.
Motihari News: पूर्वी चंपारण में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं. मोतिहारी शहरी क्षेत्र के इंद्रानगर भवानीपुर जीरात स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-35 में सोमवार को करीब 11 बजे निरीक्षण के दौरान न सेविका मिलीं, न सहायिका और न ही बच्चे. केंद्र एक स्कूल भवन में संचालित होता है. मौके पर एक कमरे में आंगनबाड़ी केंद्र का बोर्ड रखा हुआ मिला. हालांकि, केंद्र के नियमित संचालन और अनुपस्थिति के कारणों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी.
आंगनबाड़ी केंद्र पर 11 बजे नहीं मिला कोई
सोमवार को करीब 11 बजे केंद्र पर पहुंचने पर वहां कोई कर्मी या बच्चा मौजूद नहीं मिला. एक कमरे में आंगनबाड़ी केंद्र का बोर्ड रखा हुआ था. मौके की स्थिति से केंद्र के संचालन को लेकर सवाल खड़े हुए हैं. हालांकि, एक दिन की स्थिति के आधार पर केंद्र के नियमित संचालन को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा.
कई जरूरी सुविधाएं नहीं मिलीं, वजन मशीन भी गायब
केंद्र पर निरीक्षण के दौरान वजन मशीन सहित कई जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं मिलीं. आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों और लाभार्थियों से जुड़ी पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है. ऐसे में केंद्र की सुविधाओं की जांच की जरूरत महसूस होती है.
अन्य केंद्रों की जांच से सामने आ सकती है स्थिति
मामले को लेकर सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि शहरी क्षेत्र के अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों का इसी तरह भौतिक निरीक्षण कराया जाए तो जमीनी स्थिति की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है. नियमित निरीक्षण के जरिए केंद्रों में कर्मियों की उपस्थिति, बच्चों की मौजूदगी, पोषण सेवाओं और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता की जांच की जा सकती है.
सदर शहरी क्षेत्र में सीडीपीओ का पद खाली
मोतिहारी सदर शहरी क्षेत्र में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) का पद भी फिलहाल खाली है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस पद पर किसी अधिकारी को प्रभार नहीं दिया गया है. ऐसे में शहरी क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी और निरीक्षण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
प्रभारी आईसीडीएस डीपीओ से नहीं मिल सका पक्ष
मामले में विभाग का पक्ष जानने के लिए प्रभारी आईसीडीएस डीपीओ निधि कुमारी से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया. विभागीय पक्ष मिलने के बाद केंद्र की स्थिति और अनुपस्थिति के कारणों को लेकर खबर को अपडेट किया जा सकता है.
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लेखक के बारे में
By सामंत कुमार गौतम
सामंत वर्ष 2013 से यानी पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वाणिज्य (बी.कॉम) और कानून (एलएलबी) स्नातक सामंत को समाचार संकलन, संपादन, कंप्यूटर तकनीक और समाचार प्रबंधन का व्यापक अनुभव है. ये पत्रकारिता के साथ-साथ समाचारों के तकनीकी व प्रबंधकीय कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं.
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