Sawan Somwari: 55 की उम्र में भी नहीं थमा जुनून, 17 घंटे में देवघर पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं नंदीबम

Updated:
विज्ञापन

संजय कुमार उर्फ नंदीबम

55 वर्षीय संजय कुमार उर्फ नंदीबम ने सावन की दूसरी सोमवारी पर 17 घंटे में 105 किलोमीटर की दूरी तय कर सुल्तानगंज से देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया. 2007 से वे डाक बम के रूप में यह यात्रा कर रहे हैं.

विज्ञापन

Motihari News: सावन की दूसरी सोमवारी पर मोतिहारी के संजय कुमार उर्फ नंदीबम ने एक बार फिर डाक बम के रूप में सुल्तानगंज से देवघर तक करीब 105 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया. रविवार दिन करीब एक बजे सुल्तानगंज से कांवर पर गंगाजल लेकर निकले संजय ने सोमवार सुबह करीब 6:05 बजे देवघर पहुंचकर जलाभिषेक किया. इस तरह उन्होंने करीब 17 घंटे में अपनी यात्रा पूरी की.

Kanwar Yatra : 2007 से डाक बम के रूप में कर रहे हैं यात्रा

मोतिहारी के पताही प्रखंड के सरैया गोपाल निवासी संजय कुमार वर्ष 2007 से सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक डाक बम के रूप में यात्रा कर रहे हैं. उनकी यह यात्रा सामान्य कांवर यात्रा से अलग है, जिसमें निर्धारित समय में बाबा का जलाभिषेक करने का संकल्प लिया जाता है.

संजय उर्फ नंदीबम बताते हैं कि अब तक उन्होंने कई बार 15 से 17 घंटे के भीतर सुल्तानगंज से देवघर तक की यात्रा पूरी की है, जबकि उनका संकल्प 24 घंटे के भीतर जलाभिषेक करने का है.

दूसरी सोमवारी पर 17 घंटे में किया जलाभिषेक

संजय ने बताया कि दूसरी सोमवारी पर भी उन्होंने रविवार दोपहर करीब एक बजे सुल्तानगंज से जल उठाया और सोमवार सुबह 6:05 बजे बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया. उन्होंने कहा कि गर्मी और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद पूरी यात्रा बाबा की कृपा से सफलतापूर्वक पूरी हुई.

उन्होंने बताया कि जलाभिषेक के बाद अब अगली सोमवारी की तैयारी शुरू हो जाती है.

सोमवारी ही नहीं, हर पूर्णिमा को भी करते हैं डाक बम यात्रा

संजय उर्फ नंदीबम की भक्ति केवल सावन की सोमवारी तक सीमित नहीं है. वह वर्षभर प्रत्येक पूर्णिमा को भी सुल्तानगंज से जल लेकर डाक बम के रूप में देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं.

उनकी लगातार यात्रा और समर्पण के कारण श्रद्धालुओं के बीच वह नंदीबम के नाम से चर्चित हो गए हैं. रास्ते में कई भक्त उनके आने का इंतजार करते हैं और नजर पड़ते ही उनकी सेवा में जुट जाते हैं.

कहा- कोई मनौती नहीं, बाबा के प्रति समर्पण है

55 वर्षीय संजय कुमार ने बताया कि उन्होंने बाबा बैद्यनाथ से किसी विशेष मनौती के लिए यह यात्रा शुरू नहीं की है. उनका कहना है कि वह बाबा के प्रति समर्पण की भावना से डाक बम यात्रा करते हैं.

उन्होंने कहा कि बाबा की कृपा से जलाभिषेक पूरा करने के बाद मोतिहारी लौटकर वह अपने काम पर भी वापस लौट आते हैं. वह वरीय चिकित्सक डॉ. टीपी सिंह के यहां सहयोगी के रूप में काम करते हैं. संजय के अनुसार, जलाभिषेक के बाद उन्हें विशेष थकान महसूस नहीं होती.

मोतिहारी लौटते ही शुरू हो जाता है बाबा का बुलावा

संजय ने कहा कि देवघर से लौटने के बाद कुछ ही समय में उन्हें अगली यात्रा की तैयारी का भाव आने लगता है. सावन की सोमवारी के साथ-साथ पूर्णिमा की डाक बम यात्रा भी उनके जीवन का नियमित हिस्सा बन चुकी है.

उन्होंने बताया कि डाक बम यात्रियों के लिए हर जगह विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं होती. हालांकि सावन के बाद प्रत्येक पूर्णिमा को मोतिहारी के रजनीकांत त्रिपाठी द्वारा लगाया जाने वाला मनिया लोढिया शिविर उनकी यात्रा के दौरान काफी मददगार साबित होता है.

'बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है'

सुल्तानगंज से देवघर के लिए रवाना होते समय संजय उर्फ नंदीबम ने कहा कि उनकी यात्रा के पीछे केवल आस्था और बाबा बैद्यनाथ के प्रति समर्पण है. उन्होंने कहा बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है.

यह भी पढ़ें: मोतिहारी में हर घर तिरंगा अभियान का आगाज, सहकारिता विभाग ने निकाली बाइक तिरंगा रैली


विज्ञापन
Sn Satyarthi

लेखक के बारे में

By Sn Satyarthi

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन