शहीद शुभम की सर्विस बुक में पत्नी और मां का आधा-आधा हक, रार के बीच कथित बहू ने ससुर को फोन कर बोलीं- 'गांव वालों के बहकावे में मत आइए'
शहीद वायुसेना लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की पत्नी श्रेया राय। फोटो- प्रभात खबर
Martyr Shubham Kumar News: जहानाबाद के शहीद वायुसेना अधिकारी शुभम की शहादत के बाद अनुग्रह राशि को लेकर पिता और कथित पत्नी श्रेया राय के बीच विवाद गहरा गया है, जिसमें सर्विस बुक में पत्नी और माँ का नाम 50-50% नॉमिनी दर्ज होने की बात सामने आई है. इसी बीच श्रेया ने फोन पर शहीद के पिता से गांव वालों के बहकावे में न आने की बात कही है, जबकि उनके परिजनों का कहना है कि शुभम के माता-पिता को सारी बातें पहले से पता थीं.
Martyr Shubham Kumar News (जहानाबाद से अश्विनी कुमार की रिपोर्ट): देश की सेवा करते हुए शहीद हुए वायुसेना अधिकारी शुभम कुमार की शहादत से जहां पूरा जिला गौरवान्वित है, वहीं उनके जाने के बाद परिवार में उठे विवाद ने माहौल को और भावुक बना दिया है. जिस घर में कुछ दिन पहले तक बेटे की शहादत पर मातम पसरा था, वहीं अब मुआवजे और सरकारी लाभों को लेकर सवाल उठने लगे हैं. अपने जवान बेटे को खो चुके पिता अमरेंद्र शर्मा का कहना है कि उन्हें शुभम की कथित कोर्ट मैरिज और सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज नॉमिनी की जानकारी नहीं थी. दूसरी ओर फरवरी 2026 में श्रेया और शुभम की कोर्ट मैरिज की बात सामने आ रही है. प्रशासनिक स्तर पर भी श्रेया राय को शहीद की पत्नी बताया जा रहा है.

फोन पर बातचीत से मामले में आया नया मोड़
इसी बीच शहीद के पिता और श्रेया राय के बीच हुई कथित फोन बातचीत ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. पिता का दावा है कि बुधवार की शाम करीब 7 बजे फोन पर श्रेया ने उनसे कहा कि वे गांव वालों के बहकावे में न आएं. वहीं जानकारी के अनुसार श्रेया राय वायुसेना में एक अधिकारी हैं एवं उनके पिता उत्तर प्रदेश में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं.
श्रेया के परिजनों ने कहा- बदनाम न किया जाए
दूसरी ओर शहीद की पत्नी श्रेया के परिजनों का कहना है कि शहीद शुभम के माता-पिता को सारी बातों की जानकारी थी. उनके अनुसार शुभम के जाने के बाद उनके लिए पैसा का कोई महत्व नहीं है, सारा पैसा उन्हें मिल जायेगा. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने अपनी बात रखते हुए अपील की है कि हमलोगों को इस मामले में बेवजह बदनाम न किया जाए.
सर्विस बुक में पत्नी और माँ का नाम 50-50% दर्ज
वहीं जानकारी के अनुसार NOK में नॉमिनी के लिए शुभम ने अपनी पत्नी और मां के लिए 50-50 प्रतिशत फॉर्म में भरे हैं. फरवरी 2026 में कोर्ट मैरेज का दावा किया जा रहा है और सर्विस बुक में श्रेया राय और शहीद की मां का नाम नॉमिनी के रूप में दर्ज है. शहादत के गम से उबरने की कोशिश कर रहे परिवार के सामने अब अधिकारों और दावों का यह विवाद नई पीड़ा बनकर खड़ा हो गया है. वहीं पिता ने सरकार और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा शहीद के माता-पिता के हितों का भी ध्यान रखने की मांग की है.
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By Vikash Jha
विकाश झा एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और कंटेंट प्रोफेशनल हैं, जिन्हें मीडिया, डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2020 में भोपाल से हुई, जिसके बाद उन्होंने ETV Bharat, Bharat Express और News24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न जिम्मेदार भूमिकाओं का निर्वहन किया। News24 से आगे बढ़ते हुए उन्होंने Adglobal360 India Pvt. Ltd. के माध्यम से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं। क्रिकेट के प्रति उनका गहरा लगाव है और वे क्रिकेट को सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अपनी लेखनी का महत्वपूर्ण विषय मानते हैं। उन्हें यात्रा करना, नए लोगों और स्थानों को जानना तथा समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले विकाश डिजिटल मीडिया की तेज रफ्तार दुनिया में तथ्यों पर आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।
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