फरवरी से एमडीएम योजना का पायलट प्रोजेक्ट होगा बंद

जिले में मध्याह्न भोजन योजना में चलाए जा रहे हैं पायलट प्रोजेक्ट को बंद करने का निर्णय लिया गया है.
अब प्रधानाध्यापक ही करेंगे मध्यान्ह भोजन का संचालन मधुबनी . जिले में मध्याह्न भोजन योजना में चलाए जा रहे हैं पायलट प्रोजेक्ट को बंद करने का निर्णय लिया गया है. इस संबंध में मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखे पत्र में मध्यान्ह भोजन योजना के निदेशक ने कहा है कि प्रमुख सचिव शिक्षा विभाग के निर्देश पर मध्यान्ह भोजन योजना से आच्छादित जिला के एक प्रखंड में विद्यालय के प्रधानाध्यापक के स्थान पर किसी अनियमित शिक्षक के माध्यम से इसका संचालन करते हुए पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ किया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य प्रधानाध्यापक को मध्यान्ह भोजन के संचालन से मुक्त करना था. उनका अधिकांश समय शैक्षणिक गतिविधियों में उपयोग किया जाना था. जब पायलट प्रोजेक्ट का मूल्यांकन संस्था प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन से कराया गया तो यह विदित हुआ कि पायलट प्रोजेक्ट लागू होने के बावजूद भी लगभग 70 प्रतिशत प्रधानाध्यापक किसी न किसी रूप से मध्यान्ह भोजन के संचालन के कार्य में शामिल हैं. सहायक शिक्षकों का विद्यालय प्रशासन पर नियंत्रण अपेक्षाकृत कमजोर होने के कारण प्रधानाध्यापकों का मध्यान्ह भोजन योजना से संबंधित कार्य से मुक्त होने के बाद भी इस योजना में उनका हस्तक्षेप है. इस तरह प्रधानाध्यापक पूर्ण रूप से मध्यान्ह भोजन योजना के कार्य से मुक्त नहीं हो पाए हैं. निदेशक ने निर्देश दिया है कि सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के बाद पायलट प्रोजेक्ट का आगे बिस्तार नहीं करते हुए इससे संबंधित सभी विद्यालयों में पूर्व की भांति प्रधानाध्यापक व विद्यालय शिक्षा समिति के माध्यम से ही मध्यान्ह भोजन का संचालन किया जाएगा. यह 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा.
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