Madhubani: जन्म शतवार्षिकी समारोह में याद किए गए प्रो. मुक्तिनाथ झा, साहित्यिक योगदान पर हुई चर्चा

Edited by Sarfaraz Ahmad
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समारोह में सम्मानित होते साहित्यकार एवं अतिथि

मधुबनी के सरिसब-पाही में आयोजित प्रो. मुक्तिनाथ झा के द्विदिवसीय जन्म शतवार्षिकी समारोह में साहित्य अकादमी के उप सचिव एन. सुरेश बाबू ने उनकी साहित्य साधना को अनुकरणीय बताया. कार्यक्रम में देशभर के विद्वानों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की. पढ़ें पूरी खबर...

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मधुबनी से केके पुट्टी की रिपोर्ट

Madhubani News: सरिसब-पाही में साहित्य अकादमी, नई दिल्ली और साहित्यिकी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रो. मुक्तिनाथ झा के द्विदिवसीय जन्म शतवार्षिकी समारोह का शुभारंभ रविवार को हुआ. कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे साहित्यकारों, शोधकर्ताओं और विद्वानों ने प्रो. मुक्तिनाथ झा के व्यक्तित्व एवं साहित्यिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की.

महान साहित्यकार थे प्रो. मुक्तिनाथ झा

कार्यक्रम की शुरुआत साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के उप सचिव एन. सुरेश बाबू के स्वागत भाषण से हुई. उन्होंने प्रो. मुक्तिनाथ झा को महान साहित्यकार बताते हुए कहा कि उनकी साहित्य साधना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है. उन्होंने उनके कृतित्व और साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि मैथिली साहित्य को समृद्ध बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

साहित्यिक योगदान पर हुआ गंभीर विमर्श

विषय प्रवेश करते हुए चित्रकूट विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश के अवकाशप्राप्त प्रधानाचार्य एवं हिंदी के वरिष्ठ विद्वान डॉ. अजय मिश्र ने प्रो. मुक्तिनाथ झा के साहित्यिक अवदान पर प्रकाश डाला. वहीं मैथिली के प्रसिद्ध समालोचक रमानंद झा रमण ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर बीज भाषण प्रस्तुत किया.

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. जगदीश मिश्र ने साहित्यिकी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रो. मुक्तिनाथ झा के साहित्यिक और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया.

विभिन्न सत्रों में पढ़े गए शोध आलेख

प्रथम सत्र की अध्यक्षता शिवशंकर श्रीनिवास ने की. इस दौरान जिष्णुनाथ झा एवं डॉ. अरविंद कुमार सिंह झा ने अपने आलेख प्रस्तुत किए. द्वितीय सत्र में डॉ. दमन कुमार झा की अध्यक्षता में प्रो. ईशनाथ झा, कंचन दीपा और अपर्णा कुमारी ने प्रो. मुक्तिनाथ झा के साहित्य और विचारों पर आधारित शोध आलेखों का पाठ किया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. अजीत मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनुराग मिश्र ने किया.

बड़ी संख्या में जुटे साहित्य प्रेमी

समारोह में डॉ. गंगानाथ झा, डॉ. विद्यानंद झा, प्रबोध झा, अशर्फी कामत, निधि झा, रामबहादुर चौधरी, रतिनाथ झा, उदय कुमार झा, डॉ. इन्द्रनाथ झा, डॉ. शान्तिनाथ सिंह ठाकुर, पारस सिंह झा समेत बड़ी संख्या में साहित्यकार, शोधार्थी और साहित्य प्रेमी मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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