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Madhubani: दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसानों के खिले चेहरे, धानरोपनी शुरू

Updated at : 04 Aug 2025 4:03 PM (IST)
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Madhubani: दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसानों के खिले चेहरे, धानरोपनी शुरू

अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बीते दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश से फिलहाल खेतों में कुछ हद तक पानी जमा गया है.

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बेनीपट्टी: अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बीते दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश से फिलहाल खेतों में कुछ हद तक पानी जमा गया है. जिससे किसानों के चेहरे खिल गये हैं. वैसे किसान जो बारिश की प्रतीक्षा में अपने खेतों में धान की रोपनी नही कर सके थे. किसान युद्धस्तर पर धानरोपनी में जुट गये हैं. वहीं वैसे किसान जो निजी बोरिंग या पंप सेट आदि के माध्यम से अपने खेतों की सिंचाई कर धानरोपनी कर चुके थे. उन्हें भी बारिश नही होने की चिंता सताये जा रही थी. बारिश नही होने के कारण खेतों में लगे धान की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच चुकी थी. खेतों में दरारें निकलनी शुरू हो गयी थी. ऐसे में रोपे गये धान की फसलों और बिचरे भी सूखने लगे थे और किसान अपनी फसलों को लेकर खासे हल्कान व परेशान नजर आ रहे थे. ऐसे सभी किसानों को भी बारिश ने राहत पहुंचाई है और बारिश होने के बाद उन्हें सकून मिल रहा है. बता दें कि करीब तीन दिन पहले तक लगातार पड़ रही भीषण गर्मियों के बाद बारिश होते ही न केवल वातावरण में ही नमी आयी है, बल्कि लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी से राहत भी महसूस होने लगी है. अब किसानों के चेहरे की रौनक लौट रही है. किसान कमल कुमार झा, विजय यादव, मुन्ना झा, राजीव कुमार, अशोक झा, राम नारायण झा, शैलेंद्र झा व मो. नसीम सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि बारिश को लेकर किसान आसमान की ओर टकटकी लगाये बैठे थे. वर्षा होने से खेतों में नमी आ गयी है़ और किसान अपनी फसल लगाने में जुट गये है़. सोमवार को किसान कहीं पानी से भरे खेतों की ट्रैक्टर से जुताई करते तो कहीं धान का बिचरा उखाड़ते देखे जा रहे हैं. युद्धस्तर पर धान की रोपाई करते देखे जा रहे हैं. बता दें कि बीते कई वर्षों में बार बाढ़ आने के कारण तीन-तीन बार धान की रोपाई करनी पड़ी थी. दो-दो बार खेतों में लगी धान की फसल डूब कर बर्बाद हो गयी थी और किसानों को मंहगाई की दोहरी मार झेलनी पड़ी थी. वैसे ही एक सप्ताह पहले तक लोगों में इस वर्ष भी सुखाड़ की संभावना दिखने लगी थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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