Madhubani News : जल-जनित बीमारियों से निपटने के लिए दिशा - निर्देश जारी
Updated at : 23 May 2025 9:54 PM (IST)
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बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में जानमाल के साथ कई जल जनित बीमारियों के प्रकोप का सामना लोगों को करना पड़ता है.
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मधुबनी.
बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में जानमाल के साथ कई जल जनित बीमारियों के प्रकोप का सामना लोगों को करना पड़ता है. इसके लिए कार्यपालक निदेशक सुहर्ष भगत ने सिविल सर्जन को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये है. उन्होंने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखने का निर्देश दिया है. बाढ़ आश्रय स्थल में पेयजल, शौचालय आदि मूलभूत व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ राहत कार्य से जुड़ी आवश्यक दवा का समय से पर्याप्त मात्रा में भंडारण, जिला दवा भंडार में रखने का निर्देश दिया है. इसमे सभी प्रकार की जीवन रक्षक दवा, डॉग बाइट, स्नेक बाइट, हेलोजन की गोलियां, ब्लीचिंग पाउडर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हों.औषधि भंडार में पर्याप्त रखे दवा
जिले एवं प्रखंड के अस्पतालों में पर्याप्त औषधि स्टॉक रखने का निर्देश दिया है. जिसमें एवीएस जिला अस्पताल में 1000 वायल, प्रखंड अस्पताल में 50 वायल, एआरवी जिला अस्पताल में 750 वायल एवं प्रखंडों में 30 वायल, ओआरएस जिला अस्पताल में 5000 पैकेट एवं प्रखंडों के अस्पताल में 1000 पैकेट, जिंक टेबलेट जिला अस्पताल में 30,000 हजार एवं प्रखंड अस्पताल में 3000, ब्लीचिंग पाउडर जिला अस्पताल में 500 बैग एवं प्रखंड अस्पताल में 25 बैग, लाइम जिला अस्पताल में 1500 बैग एवं प्रखंड अस्पताल में 75 बैग रखने का निर्देश दिया गया है.गठित होगा चिकित्सकों का दल
सीएस डॉ. हरेंद्र कुमार ने जिला एवं प्रखंड स्तर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा दल का गठन करने का निर्देश दिया है. इसमें मोबाइल दल भी शामिल रहेंगे. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नवजात शिशुओं का नियमित टीकाकरण बाधित नहीं हो, इसकी व्यवस्था भी करने पर जोर दिया. वहीं गर्भवती महिलाओं की पहचान पूर्व से कर डिलीवरी किट एवं मैटरनिटी हट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं.नौका औषधालय की करें व्यवस्था
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र, स्कूल, पंचायत भवन में अस्थायी अस्पताल खोला जायेगा. वहां पर अस्थायी अस्पताल का संचालन तब तक होगा जब तक महामारी पर नियंत्रण नहीं हो जाता है. बाढ़ से घिरे क्षेत्र में सड़क संपर्क टूटने पर नौका औषधालय का इंतजाम करने की बात भी कही. किसी भी तरह की सूचना के लिए राज्य नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर 104 पर संपर्क स्थापित करने के लिए प्रचार प्रसार करने और इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए निर्देशित किया.
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