आमलोगों को नहीं मिलती सुविधा
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :23 Jan 2017 4:35 AM
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परेशानी. 42 विभाग के कर्मियों के लिए एक शौचालय मधुबनी : हर घर शौचालय निर्माण की बातें हर ओर हो रही है. पंचायत स्तर पर इसके लिये समन्वयक को नियुक्त किया गया है. पंचायतों में काम हो भी रहा है. लोग खुले में शौच से निजात पाने की कोशिश में जुटे हैं. पर इसका असर […]
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परेशानी. 42 विभाग के कर्मियों के लिए एक शौचालय
मधुबनी : हर घर शौचालय निर्माण की बातें हर ओर हो रही है. पंचायत स्तर पर इसके लिये समन्वयक को नियुक्त किया गया है. पंचायतों में काम हो भी रहा है. लोग खुले में शौच से निजात पाने की कोशिश में जुटे हैं. पर इसका असर मुख्यालय में ही नहीं देखा जा रहा है. और विभाग की बातें कौन कहे, जिस जगह पर जिले के सबसे बड़े अधिकारी बैठते हैं वहीं इस अभियान की धज्जी उड़ायी जा रही है. अधिकारी से लेकर कर्मी, जिले के कोने कोने से आने वाले आम लोगों को समाहरणालय में शौचालय की कमी खल रही है. लोग मजबूरी में परिसर में ही मूत्र त्याग करते हैं तो शौचालय के लिये पैसे देकर सुलभ कांप्लेक्स में जाना पड़ता है.
शौचालय में लगा है ताला . समाहरणालय में कहने को दो जगहों पर शौचालय बनाया गया है. एक उपरी मंजिल पर सभागार के समीप एवं एक नीचे ग्राउंड फ्लोर पर स्थापना कार्यालय के समीप. इसमें से उपरी मंजिल पर बने शौचालय में कई माह से ताला लगा है. ताला किसने और क्यों लगाया है इसका कोई खुलकर जवाब नहीं देना चाहता. पर इसमें आम कर्मी, अधिकारी व लोग शौचालय के लिये नहीं जा सकते हैं.
42 विभाग है कार्यरत . समाहरणालय में हर दिन अधिकारी, कर्मी व आम लोग आते हैं. समाहरणालय में वर्तमान में 42 विभाग काम करता है. करीब एक हजार कर्मी हैं. तो हर दिन विभिन्न काम से सैकड़ों लोगों का आना भी होता है. इसमें कर्मियों व अधिकारियों के लिये ग्राउंड फ्लोर पर बना एक मात्र शौचालय ही खुला है.
इसी में सभी को शौचालय जाना होता है. इसका भी नियमित रूप से सफाई नहीं होती. अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिस शौचालय का उपयोग करीब एक हजार आदमी करते होंगे उसकी स्थित कितनी बेहतर होगी.
आम लोगों को होती है परेशानी .
कर्मी तो किसी तरह इस शौचालय में चले भी जाते हैं. पर आम लोगों को भारी परेशानी होती है. सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं को होती है. पुरुष तो समाहरणालय परिसर में खुलेआम मूत्र त्याग करते हैं. शौचालय के लिये इन्हें भी सुलभ कांप्लेक्स की
ही आशा होती है. पर महिलाओं को बहुत अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
एक शौचालय में साल भर से लगा है ताला
आमलोगों के लिए भी होगा निर्माण
जल्द ही आम लोगों के लिये भी शौचालय का निर्माण किया जायेगा. परेशानी दूर करने के हर संभव पहल किये जायेंगे.
गिरिवर दयाल सिंह, जिला पदाधिकारी
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