पोस्टमार्टम कक्ष मानक के अनुरूप नहीं

Updated at :05 Jan 2017 6:18 AM
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पोस्टमार्टम कक्ष मानक के अनुरूप नहीं

लावारिस को 72 घंटे तक रखने का नहीं है कोई विशेष इंतजाम मधुबनी : सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम कक्ष सुविधा विहीन है. न तो पोस्टमार्टम कक्ष वातानुकूलित है और न ही लावारिस शव को रखने की कोई विशेष व्यवस्था. पोस्टमार्टम कक्ष किसी भी स्तर से मानक के अनुरूप नहीं है. परेशानी तब और भी अधिक […]

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लावारिस को 72 घंटे तक रखने का नहीं है कोई विशेष इंतजाम

मधुबनी : सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम कक्ष सुविधा विहीन है. न तो पोस्टमार्टम कक्ष वातानुकूलित है और न ही लावारिस शव को रखने की कोई विशेष व्यवस्था. पोस्टमार्टम कक्ष किसी भी स्तर से मानक के अनुरूप नहीं है. परेशानी तब और भी अधिक बढ़ जाती है जब कोई लावारिस लाश पोस्टमार्टम हाउस में लाया जाता है. लावारिस लाश को कम से कम 72 घंटे तक रखने का प्रावधान है. पर लावारिस लाश के आने पर यह 72 घंटा एक एक पल आसपास के लोगों,
अस्पताल कर्मियों व मरीजों के लिए भारी पड़ता है. इस कक्ष में रहे तो पूरा अस्पताल परिसर सड़ांध से घुल जाता है. जिससे अस्पताल परिसर के आवासों में रहने वाले कर्मियों से लेकर अस्पताल आने वाले लोग उक्त दुर्गंध से परेशान हो जाते है. अस्पताल प्रबंधन इस परेशानी से अवगत होते हुए भी बेखबर है. हद तो तब होता है जब लाए गये शव के पोस्टमार्टम के लिये परिजनों ही ग्लब्स व पाॅलीथीन की व्यवस्था करनी पड़ती है. वहीं लावारिस शव के पोस्टमार्टम के लिए संबंधित थाना में आये कर्मियों से ही इन समान की कीमत वसूल की जाती है.
बिना वाश के ही होता है पोस्टमार्टम : राष्ट्रीय मानक के अनुसार पोस्टमार्टम कक्ष नहीं है. जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम हाउस को पूर्णतया वातानुकूलित होना चाहिए. साथ ही पोस्टमार्टम कक्ष एक विशेष तापमान युक्त होना चाहिए. जिससे शव यदि 24 से 72 घंटे तक रखनी पड़े तो उससे दुर्गंध न आ सके. पोस्टमार्टम कक्ष में जलापूर्ति की कोई उचित व्यवस्था नहीं है . चिकित्सकों की मानें तो पोस्टमार्टम के लिए लाये गये शव का सर्वप्रथम वास किया जाता है. उसके बाद ही चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाती है. वाशिंग व्यवस्था नहीं होने से प्राय: शव का पोस्टमार्टम बिना वास के ही किया जाता है.
क्या कहते हैं अधिकारी : सिविल सर्जन डाॅ. अमरनाथ झा ने बताया कि जनवरी माह में एक विशेषज्ञ की टीम अस्पताल के दौरे पर आयेगी. जो पोस्टमार्टम सहित अन्य संसाधनों का आकलन करेगी. जिसके बाद राष्ट्रीय मानक के अनुरूप सभी संसाधन से युक्त हो जाएगा सदर अस्पताल.
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