सीएस ने विभाग से मांगे 98 करोड़ रुपये
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Nov 2016 2:31 AM
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मिलेगी सुविधा अगले वित्तीय वर्ष के लिए सीएस कार्यालय का बजट, पिछले साल की तुलना में 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी मधुबनी : यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो अगले वित्तीय वर्ष 17- 18 में जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की सूरत बदली बदली नजर आयेगी. कर्मियों को वेतन के लिये अधिक इंतजार नहीं करना […]
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मिलेगी सुविधा अगले वित्तीय वर्ष के लिए सीएस कार्यालय का बजट, पिछले साल की तुलना में 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी
मधुबनी : यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो अगले वित्तीय वर्ष 17- 18 में जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की सूरत बदली बदली नजर आयेगी. कर्मियों को वेतन के लिये अधिक इंतजार नहीं करना होगा.
दरअसल जिले के स्वास्थ्य महकमे के वित्तीय वर्ष 17-18 के लिए 98 करोड़ रुपये का बजट बनाया गया है. जिसे की स्वीकृति के लिए सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा राज्य स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया गया है. पिछले साल की तुलना में यह 25 फीसदी अधिक है. उक्त बजट में मिलने वाले राशि से वेतन, दवा, गाड़ी व अन्य खर्च किये जायेंगे. यहां यह बताना जरूरी है कि यह बजट सीएस कार्यालय से बना है. इसके अतिरिक्त जिला स्वास्थ्य समिति का अलग बजट बन रहा है. डीएचएस कार्यालय से बनने वाले बजट से एंबुलेंस सहित अन्य खर्च किये जायेंगे.
सदर व अनुमंडल अस्पताल के लिए 23 करोड़
सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा सदर अस्पताल व अनुमंडलीय अस्पताल के लिए वित्तीय वर्ष 17-18 में 23 करोड़ रुपये का बजट बनाया गया है. यह राशि सदर अस्पताल के अलावा तीन अनुमंडलीय अस्पताल क्रमश: झंझारपुर, फुलपरास व जयनगर में खर्च किये जायेंगे. इसके अलावे तीन रेफरल अस्पताल के लिये 9 करोड़ का बजट बनाया गया है. इसमें पंडौल, मधेपुर एवं अंधराठाढी रेफरल अस्पताल है.
पीएचसी व एपीएचसी पर खर्च होंगे 66 करोड़
जिले के पीएचसी व एपीएचसी पर खर्च के लिये 66 करोड़ का बजट बनाया गया है. इसमें जिले के 21 पीएचसी के लिए 35 करोड़ रुपये का बजट बनाया गया है. जबकि 55 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 400 स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए 31 करोड़ का बजट बनाया गया है. बजट बना कर सरकार को स्वीकृति के लिए भेज दी गयी है.
दवा मद में पांच करोड़
बजट के अनुसार साल 17- 18 में करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. इसके अलावे जिला स्वास्थ्य समिति एवं रोगी कल्याण समिति से भी दवा खरीद की जायेगी. जिसका बजट अलग से बनाया जा रहा है.
वेतन, दवा व अन्य खर्च के लिए बना है बजट
वित्तीय वर्ष 17-18 के लिए बनाये गये 98 करोड़ रुपये के बजट में जिले के चिकित्सकों कर्मियों के वेतन, दवा व अन्य खर्च शामिल होंगे. श्री झा ने बताया कि दवा की खरीदारी सीएस कार्यालय से भी की जाती है और स्वास्थ्य समिति के द्वारा भी किया जाता है. उक्त बजट सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा भेजा गया है. जिला स्वास्थ्य समिति अपना बजट राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजेंगे.
डाॅ अमरनाथ झा, सिविल सर्जन
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