लाखों की संपत्ति हो रही बरबाद

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Jun 2016 5:36 AM

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हाल नलकूप व पथ निर्माण विभाग में मंगाये गये सामान का मधुबनी : सरकारी विभाग द्वारा सरकारी सामानों की हिफाजत नहीं की जा रही है. जिस कारण आज लाखों के सामान का मोल कौड़ी के दाम हो गया है. दिन व दिन यह सामान इस कदर बरबाद होता गया कि आज ये कबाड़ी के काम […]

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हाल नलकूप व पथ निर्माण विभाग में मंगाये गये सामान का

मधुबनी : सरकारी विभाग द्वारा सरकारी सामानों की हिफाजत नहीं की जा रही है. जिस कारण आज लाखों के सामान का मोल कौड़ी के दाम हो गया है. दिन व दिन यह सामान इस कदर बरबाद होता गया कि आज ये कबाड़ी के काम ही आ सकता है. पर इसके लिये भी विभाग को नीलामी की प्रक्रिया करनी होगी जो पिछले करीब 20 सालों से नहीं हो रही है. ऐसे में अब सामान पूरी तरह बरबाद हो गया है.
पथ निर्माण विभाग
इसी प्रकार पथ निर्माण विभाग में भी लाखों का लकड़ी व रोड बनाने में काम आने वाला सामान खराब हो चुका है. विभाग के पास ना तो रखरखाव का इंतजाम है और ना ही इसकी वापसी की गयी या फिर नीलामी ही हुई . आलम यह है कि अधिकांश सामान पानी मिट्टी में खराब हो चुका है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब तीस साल पहले पुलिया निर्माण में पायलिंग व अन्य आवश्यकता को देखते हुए लकड़ी व लोहे का सामन मंगाया गया. पर बाद में जब पुलिया निर्माण में सीमेंट का पायलिंग होने लगा तो इसकी उपयोगिता समाप्त हो गयी. इसके अलावे पुराने तोड़े गये पुलिया से प्राप्त लकड़ी भी रखा है. जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 से 30 लाख रूपये बताये जा रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी: सहायक अभिंयंता उदय शंकर सिंह बताते हैं कि विभाग को इन सामानों के खराब होने की जानकारी देकर उचित दिशा निर्देश देने के लिये पत्र भेजा गया . पर अब तक कोई निर्देश प्राप्त नहीं है.
नलकूप विभाग
शहर कुख्यालय स्थित नलकूप विभाग में करीब 40 से 50 लाख रूपये का सामान खराब हो गया है. इन सामानों में नलकूप लगाने के लिये मंगाया गया लोहे का पाइप, पाइप गाड़ने वाली मशीन, जीप व अन्य कीमती सामान है. विभागीय सूत्रों का कहना है कि साल 1988 से 1993 के बीच नलकूप लगाने के लिये विभाग द्वारा सैकड़ों की संख्या में लोहे का पाइप मंगाया गया. पर इसके बाद ही सरकार ने प्लास्टिक के पाइप का उपयोग सरकारी नलकूप में करने का आदेश पारित किया. जिस कारण लोहे का वह पाइप धरा ही रह गया. विभाग ने इसे ना तो वापस किया और ना ही रख रखाव का कोई माकूल इंतजाम ही हो सका. जिस कारण विगत करीब 25 सालों में पाइप खुले आसमान और जंगल मे पड़ा है.
सामान की संख्या इस प्रकार है.
हमने नीलामी काे लिखा
इस बाबत कार्यपालक अभियंता अनिरूद्ध प्रसाद ने बताया है कि इन सालों में कई बार विभाग को नीलामी के लिये लिखा गया है. पर अब तक इन सामानों के लिये विभाग की ओर से कोई दिशा निर्देश नहीं आया है. जिस कारण ये सामान रखे हुए हैं
खुले आसमान में सालों से रखा गया है सामान
नलकूप विभागों में रखा सामान
सामान संख्या अनुमानित कीमत
लोहे का पाइप करीब 100 पीस 10 लाख
जीप 7 पीस 21 लाख
पाइप गाड़ने वाली मशीन 3 पीस 2.5 लाख
अपनी दुकान बस 2 पीस 6 लाख
मिनी ट्रक 1 पीस 3 लाख
लोहे का अन्य सामान 5 लाख
पथ निर्माण विभाग में रखा सामान
सामान संख्या अनुमानित कीमत
लकड़ी का टुकड़ा हजारों पीस करीब 20 लाख
रोड रोलर 5 पीस करीब 15 लाख
लोहे का अन्य सामान सैकड़ों पीस करीब 10 लाख
अलकतरा मात्रा ना मालूम करीब 5 लाख
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