बीरपुर में पहले भी हो चुका है खूनी संघर्ष

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-इस कड़ी के रूप में देखा जा रहा कैलाश हत्याकांड मधेपुर : थाना क्षेत्र के खजुरा गांव के समीप गोली मारकर बीरपुर गांव निवासीकैलाश कुमार कौशल की गुरुवार की शाम हुई हत्या के बाद उनके गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. गांव की सड़के सुनसान हैं. गांव के लोगों के चेहरे पर अपराधियों के […]

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-इस कड़ी के रूप में देखा जा रहा कैलाश हत्याकांड
मधेपुर : थाना क्षेत्र के खजुरा गांव के समीप गोली मारकर बीरपुर गांव निवासीकैलाश कुमार कौशल की गुरुवार की शाम हुई हत्या के बाद उनके गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.
गांव की सड़के सुनसान हैं. गांव के लोगों के चेहरे पर अपराधियों के भय का खौफ स्पष्ट रूप से झलकता है. इस गांव में खूनी संघर्ष की यह दूसरी घटना है. इससे पूर्व इस संघर्ष में तीन व्यक्तियों की मौत हो चुकी है.
2014 में जा चुकी है दो की जान
पिछले वर्ष पांच मार्च 2014 को रामबाग चौक पर बीरपुर गांवके दो गुटों के बीच हुई खूनी संघर्ष में दोनों गुटों से एक-एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी. एक गुट से नीरज कुमार उर्फ रिंकु यादव तथा दूसरे गुट से रामबिहारी यादव मारे गये थे.
पिछले साल यह घटना रामबाग चौक पर लगने वाली हाट की चट्टी बट्टी को लेकर हुई थी. पहले यह हाट गत वर्ष मारे गये रामबिहारी यादव एवं उनके गुट के लोग चलाते थे, लेकिन फरवरी 2014 में मधुबनी में हुई बंदोवस्ती में दूसरे मृतक नीरज यादव के चचेरे भाई आलोक कुमार अमन को मिला. इसी प्रतिशोध में रामबाग चौक की घटना घटी थी.
इधर, पुलिस सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2000 में विधायक ऐच्छिक कोष से गाड़े गये चापाकल को लेकर विवाद में बीरपुर गांव में भी दोनों गुटों के बीच गोलबारी की घटना हुई थी.
इसमें कोई हताहत नहीं हुआ था. घटना के बाद गांव गयी पुलिस से एक राइफल एवं एक पिस्टल छीन ली गयी थी. पुलिस राइफल दो दिन बाद मिल गया, लेकिन सर्विस रिवाल्वर एक माह बाद गोबर के ढेर से पुलिस को बरामद हुआ था.
21 जुलाई 2015 को लक्ष्मीपुर चौक पर मुकेश कुमार अपने चालक के साथ चार पहिया वाहन से गांव जा रहे थे जहां कोसी कमला सुपर मार्केट के समीप भेजा- मधेपुर मुख्य पथ पर बाइक सवार अपराधियों ने गोलीबारी की थी. इसमें मुकेश एवं उसका चालक बाल-बाल बच गया.
इस मामले में भीम यादव सहित तीन ज्ञात एवं एक अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. फिलहाल इस घटना को लेकर गांव में दहशत की स्थिति देखी जा रही है.
गांव सहित आस पास के लोग सहमे हुए हैं. इधर, घटना की सूचना पाते ही झंझारपुर के एसडीओ जगदीश कुमार, डीएसपी मोहम्मद फरगुद्दीन, इंस्पेक्टर ब्रह्मदेव सिंह, बीडीओ मिथिलेश प्रसाद, सीओ राजीव रंजन कुमार श्रीवास्तव , मधेपुर थानाध्यक्ष अनिल कुमार, लखनौर थानाध्यक्ष सीपी गुप्ता भेजा थानाध्यक्ष रंगबहादूर सिंह सहित जिले के विभिन्न थानों के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मधेपुर अस्पताल पर पहुंचे तथा मृतक के शव को कब्जे में लेने की कोशिश की.
इन अधिकारियों को मृतक के परिजनों के आक्रोश का सामना करना पड़ा. परिजन अपने पूरे परिवार के सुरक्षा की गारंटी देने अपराधियों की शीध्र गिरफ्तारी करने मृतक के पत्नी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी की मांग को लेकर जिला प्रशासन को बुलाने की मांग कर रहे थे. देर रात सदर डीएसपी कुमार इंद्र प्रकाश ने अस्पताल पहुंचकर सभी अधिकारियों के साथ परिजनों को आश्वासन दिया.
इसके बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी भेजा पोस्टमार्टम के पश्चात मृतक के शव को शुक्रवार गांव में अंतिम संस्कार किया गया. फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस कैंप कर रही है. सदर डीएसपी कुमार इंद्रप्रकाश व झंझारपुर के डीएसपी मोहम्मद फरगुद्दीन ने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कई थानों के पुलिस टीम गठित कीगयी है.
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