मधेपुर में झोपड़ी में चल रहा विद्यालय

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मधेपुर : सरकार व शिक्षा महकमा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने का भले ही लाख दावे कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. सबसे खराब स्थिति कोसी दियारा क्षेत्र के विद्यालयों की है. जहां आज भी विद्यालय के नाम पर महज झोपड़ी ही है. दूर-दूर तक ऐसा नहीं लगता है कि […]

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मधेपुर : सरकार व शिक्षा महकमा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने का भले ही लाख दावे कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. सबसे खराब स्थिति कोसी दियारा क्षेत्र के विद्यालयों की है. जहां आज भी विद्यालय के नाम पर महज झोपड़ी ही है. दूर-दूर तक ऐसा नहीं लगता है कि यह सरकारी विद्यालय है.

मधेपुर प्रखंड के कोसी दियारा क्षेत्रों का विद्यालय सरकार एवं शिक्षा विभाग के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के दावों की पोल खोल रही है.

सुदूरवर्ती कोसी क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षक पदस्थापित है, स्कूलों में छात्र-छात्राओं भी नामांकित है, लेकिन इन विद्यालयों में भवन सहित सभी संसाधनों का घोर अभाव है. जो नामांकित छात्रों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं भोजन की उपलब्धता पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर रहा है.
इसका खुलासा कोसी दियारा स्थित बसीपट्टी पंचायत के विद्यालयों कब दौरा करने से हुआ है. पंचायत के 13 में से जिन चार विद्यालय का शनिवार को पड़ताल की गयी
तो पाया कि सभी चार विद्यालय भवनहीन हैं.
फूस की झोपड़ी व चदरे के तंग खुले कमरों में बैठाकर छात्रों को शिक्षा मुहैया करायी जाती है. रसोईघर नहीं रहने के कारण खुले आसमान के नीचे किसी प्रकार मिड-डे-मील का खाना तैयार कर छात्रों को खिलाया जाता है. प्रभात पड़ताल में जिन विद्यालयों का पड़ताल किया उसका ब्योरा इस
प्रकार है.
200 छात्रों के लिए तीन शिक्षक
विदित हो कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय सलहेसपुर में पहली कक्षा से पांचवी कक्षा तक की पढ़ाई होती है. इस विद्यालय में 200 छात्र नामांकित हैं. इन छात्रों को पढ़ाई के लिए तीन शिक्षक पदस्थापित हैं.
स्कूल एक फूस की छोटी झोपड़ी में चलती है. एक कमरे का शौचालय तथा एक चापाकल के सिवाय कोई संसाधन उपलब्ध नहीं है.
नीचे फर्श पर बैठकर पढ़ते हैं छात्र
वहीं, उत्क्रमित उच्च विद्यालय बसीपट्टी में कक्षा एक से आठ तक 625 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. चार शिक्षक पदस्थापित हैं. एक चदरे के बने खुले घर में फर्श पर बैठाकर शिक्षा ग्रहण करायी जाती है तथा खुले आसमान के नीचे भोजन तैयार कर छात्रों को खिलाया जाता है. नवसृजित प्राथमिक विद्यालय राघोपुर में 135 छात्र नामांकित हैं.
तीन शिक्षक पदस्थापित हैं इन छात्रों को खुले फूस की झोपड़ी में बैठकार शिक्षा ग्रहण करायी जाती है. बगल में जर्जर छोटी झोपड़ी में किसी प्रकार मिड-डे-मील का खाना तैयार कर छात्रों को भोजन कराया जाता है.
राजकीय प्राथमिक विद्यालय बैद्यनाथपुर मुसहरी में 233 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. स्कूल में सात शिक्षक पदस्थापित हैं. बगल के आंगन में मिड-डे-मील का खाना तैयार किया जाता है. जो भी हो कोसी क्षेत्र के आठ पंचायतों के 90 प्रतिशत विद्यालय भवन व संसाधन विहीन हैं जो सरकार के सर्व शिक्षा अभियान की सफलता को मुंह चिढ़ा रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शिवशंकर चौधरी ने बताया कि वर्ष 2007-08 विभाग द्वारा भवन निर्माण के लिए राशि विद्यालयों को उपलब्ध कराया गया था. भवन निर्माण नहीं होने के कारण विभागीय आदेशानुसार राशि लौटा दी गयी. राशि उपलब्ध होते ही सभी विद्यालयों का भवन निर्माण कार्य कराया जायेगा.
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