बकायेदारों पर होगी कार्रवाई
मधुबनी : नगर परिषद (नप) अपने दुकान के बकायेदारों पर कार्रवाई करेंगी. दरअसल, शहर में छह जगहों पर 226 कमरा किराया पर लगाया है. इससे प्रति माह 99 हजार किराया प्राप्त होती है. इससे प्राप्त आय शहर में विकास एवं कुछ हिस्सा अपने कर्मियों के वेतन भुगतान में करती है. वित्तीय वर्ष 2004-05 में किराया […]
मधुबनी : नगर परिषद (नप) अपने दुकान के बकायेदारों पर कार्रवाई करेंगी. दरअसल, शहर में छह जगहों पर 226 कमरा किराया पर लगाया है. इससे प्रति माह 99 हजार किराया प्राप्त होती है. इससे प्राप्त आय शहर में विकास एवं कुछ हिस्सा अपने कर्मियों के वेतन भुगतान में करती है. वित्तीय वर्ष 2004-05 में किराया फिक्स किया गया था. वर्तमान में भी उसी के हिसाब से किराया लिया जाता है.
शहर में मुख्य स्थानों पर इसके मार्केट में किराया इतना कम होने के बावजूद कई लोग सालों से बकाया रखे हुए हैं. हालांकि किराया में 15 प्रतिशत के बढ़ोतरी होने की बात चल रही है. जिसे वित्तीय वर्ष 2016-17 में लागू किया जा सकता है. वित्तीय वर्ष 2014-15 की बात की जाये तो लगभग छह लाख रुपये बकाये हैं. इसकी वसूली की जानी है. इसके लिए बकायेदारों को नोटिस भेजी गयी है. इसमें 15 दिनों का समय दिया गया है. समय से बकाया किराया जमा नहीं होने पर सर्टिफिकेट केस दर्ज किया जा सकता है.
यहां है मार्केट
साढ़े तीन वर्ग मील में फैली नगर परिषद के 30 वार्ड हैं. प्राय: नप का प्रत्येक पालिका बाजार शहर के मुख्य जगहों पर अवस्थित हैं. सबसे अधिक गिलेशन बाजार में 148 दुकान हैं. वहीं, लोहरसारी चौक के समीप तीन कमरा का पालिका बाजार है.
12 लाख सालाना आय
नगर परिषद अपने आय के लिए शहर में पालिका बाजार का निर्माण कराया. इससे नप प्रशासन को करीब 12 लाख रुपसे सालाना राजस्व की वसूली होती है. इस आय से नप प्रशासन अपने कर्मियों के वेतन व शहर में विकास में लगाती है. जानकार बताते हैं कि शहर के मुख्य बाजार में स्थित रहने के बाद भी इसका किराया बहुत ही कम है. इसी जगह पर निजी मकान का किराया 5 से 10 प्रतिशत अधिक है. इसके बाद भी लोग नप प्रशासन को सालों से रूम किराया नहीं चुकता कर रहे हैं. कई लोग तो सालों से इस पर सालों से कब्जा जमा कर किराया नहीं दे रहे हैं.
कई हैं बकायेदार
शहर में नगर परिषद के छह जगहों पर पालिका बाजार हैं. इसमें 226 कमरे हैं. इससे नप को सालाना 12 लाख आमदनी होती है. इन पर नप का लगभग 14 लाख बकाया दिखाया जा रहा है. नाम नहीं छापने के शर्त पर नप कर्मी ने बताया कि शहर के कुछ प्रतिष्ठित व्यक्ति जिन पर कई साल से किराया बांकी हैं. पांच बकायेदार ऐसे हैं जिन पर 25 हजार से अधिक बकाया है.
कई मार्केट जर्जर
शहर स्थित नगर परिषद के मार्केट जीर्णशीर्ण अवस्था में है. थाना चौक स्थित अशोक मार्केट की स्थिति जर्जर बनी हुई हैं. बड़े हादसे का संकेत दे रही है. लटकते छज्जे, छज्जा से निकला सरिया बड़े हादसे को दावत दे रही है. नप के तीन बार नोटिस भेज कर खाली करने को कह रही है ताकि इसे मरम्मत कराया जा सके.
कई किरायेदारों ने बताया कि मामला खाली करने का नहीं हैं. अगर नप सशर्त खाली करवाये तो कराया जा सकता है. वर्षों से हमलोग यहां अपना व्यवसाय चला रहे हैं. अगर दोबारा यहां जगह नहीं मिला तो हमलोग सड़क पर आ जायेंगे.
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा ने बताया कि पालिका बाजार के किरायेदार पर बकाया एक गंभीर मामला है. इसके लिए नोटिस भेजकर 15 दिनों के अंदर किराया जमा करने को कहा गया है. ससमय किराया नहीं देने वालों पर सर्टिफिकेट केश दर्ज की जायेगी.
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