Madhubani News : 22 बच्चों को इलाज के लिए भेजा गया रक्सौल

जिले के चिह्नित 22 बच्चों को परिजनों के साथ रविवार को इलाज के लिए डंकन हॉस्पिटल रक्सौल भेजा गया.
मधुबनी.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के चिन्हित 22 बच्चों को परिजनों के साथ रविवार को इलाज के लिए डंकन हॉस्पिटल रक्सौल भेजा गया. यहां सभी बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद नि: शुल्क इलाज व ऑपरेशन किया जाएगा. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि पिछले दिनों डंकन हास्पिटल के पदाधिकारियों से विस्तृत चर्चा कर हास्पिटल से जुड़ी जानकारियां साझा की गयी. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जिले के लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है. इस योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ सेवाओं से लोग लाभान्वित हो रहे हैं. खासकर वैसे लोग जो आर्थिक तंगी एवं गरीबी से गुजर रहे हैं. इस योजना के तहत लोगों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क सर्जिकल एवं नन सर्जिकल सुविधाएं मिल रही है. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित बाल हृदय योजना से जिले का कई परिवार लाभान्वित हुए हैं. इस योजना के तहत जिले में अभी तक 100 से अधिक बच्चों का हृदय में छेद का नि:शुल्क व सफल ऑपरेशन किया गया है. बच्चों में जन्मजात तालु का कटा होना, तालु से जीभ का सटा होना जन्मजात पैरों में टेढ़ापन व पेशाब की नली में समस्या का भी नि:शुल्क सफल ऑपरेशन कराया गया है. इलाज के बाद बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं. सिविल सर्जन ने कहा कि अब इसे और अधिक व्यापक बनाते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा डंकन हॉस्पिटल रक्सौल से करार किया गया है. कटे होंठ, कटे तालु, नाक, कटे जीभ जैसे जन्मजात दोष से ग्रसित बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन डंकन हास्पिटल रक्सौल में किया जाएगा. पहले चरण में जिले के 22 बच्चों का ऑपरेशन कराया जाएगा. इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा.45 तरह के रोगों का होता है निःशुल्क इलाज
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों की तीन दर्जन से अधिक जन्मजात रोगों का निःशुल्क इलाज व ऑपरेशन कराया जाता है. जन्म के समय तांत्रिका ट्यूब दोष के तहत दिमाग, स्पाइनल कार्ड, रीढ़ की हड्डी में जन्मजात विकृति, डाउन सिंड्रोम, जन्म से कम बुद्धि का विकास, कटे होंठ और तालु, क्लब फुट (पैरों का टेढ़ापन), कूल्हे का विकासात्मक डिस्प्लेसिया, जन्मजात मोतियाबिंद, जन्मजात बहरापन, जन्मजात हृदय रोग, की रेटिनोपैथी कुसमयता ( नेत्र विकार), सिर का छोटा या बड़ा होने सहित 45 से अधिक तरह की बीमारी का इलाज किया जाता है.
योजना से लोगों को मिल रही सुविधाएं
सिविल सर्जन ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा को लेकर सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लोग ले रहे हैं. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में हृदय रोग के साथ तालु, क्लब फुट सहित अन्य जन्मजात रोगों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है. उन्होंने कहा की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति संकल्पित है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




