BHU को मिला 50 लाख का सपोर्ट, इन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप

BHU कैंपस की सांकेतिक फोटो
BHU Scholarship: बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी यानी BHU को करीब 50 लाख रुपये की फंडिंग मिलने जा रही है. इस फंड का इस्तेमाल खास तौर पर बायोकेमिस्ट्री के छात्रों के लिए किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर रिसर्च के मौके मिल सकें.
BHU Scholarship: BHU ने BHU America Foundation और कुछ इंटरनेशनल लेवल के साइंटिस्ट्स के साथ एक MoU साइन किया है. इस समझौते के तहत यूनिवर्सिटी को करीब 60,000 डॉलर यानी लगभग 50 लाख रुपये मिलेंगे. रिसर्च या हायर स्टडीज के स्टूडेंट को इस MoU का सीधा फायदा मिलेगा.
BHU America Foundation (BHUAF) एक ऐसी संस्था है जो अमेरिका में रजिस्टर्ड है और पूरी तरह चैरिटेबल यानी समाज सेवा के उद्देश्य से काम करती है. इस संस्था का मुख्य काम BHU को सपोर्ट (BHU Scholarship) करना है.
BHU Scholarship इन स्टूडेंट्स को मिलेगी
फंड का सबसे बड़ा फायदा PG और PhD स्टूडेंट्स को मिलेगा. हर साल MSc बायोकेमिस्ट्री के सेकेंड ईयर के 5 मेधावी छात्रों को 25,000 रुपये की स्कॉलरशिप (BHU Scholarship) दी जाएगी. इसके अलावा, आगे चलकर पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी छात्रों के लिए रिसर्च ग्रांट भी दी जाएगी.
A press release by Banaras Hindu University (@bhupro) reads, "BHU to Receive Rs. 50 lakh to Establish Scholarships and Research Grants for PG and PhD Students at Department of Biochemistry. Varsity Inks MoU with BHU America Foundation and Globally Acclaimed Scientists to Bolster… pic.twitter.com/G5x2kAG1VQ
— Press Trust of India (@PTI_News) April 21, 2026
इस पहल के पीछे BHU के पूर्व छात्र और जाने-माने साइंटिस्ट डॉ निरभय कुमार और डॉ गीता बंसल का अहम योगदान है. डॉ निरभय कुमार मलेरिया रिसर्च के क्षेत्र में इंटरनेशनल स्तर पर जाने जाते हैं और उन्होंने कई बड़ी यूनिवर्सिटीज में काम किया है. वहीं डॉ गीता बंसल का भी रिसर्च और इंडस्ट्री में लंबा अनुभव रहा है. इन दोनों का मकसद है कि नए स्टूडेंट्स को बेहतर मौके मिलें और वे आगे बढ़ सकें.
एलुमनाई का सपोर्ट
BHU के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के सहयोग से यूनिवर्सिटी में रिसर्च कल्चर और मजबूत होगा. वाइस चांसलर ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एलुमनाई का सपोर्ट हमेशा से स्टूडेंट्स के लिए फायदेमंद रहा है. इससे न सिर्फ पढ़ाई का स्तर बेहतर होगा, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर रिसर्च को भी बढ़ावा मिलेगा.
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लेखक के बारे में
By Ravi Mallick
रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.
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