मधुबनी :शनिवार को जिले भर में छोटी दिवाली मनाने के साथ दिवाली की तैयारी शुरू हो गयी. रविवार को धूमधाम से दिवाली मनायी जायेगी. दीयोत्सव की तैयारी को लेकर लोगों ने शनिवार को भी विभिन्न पूजा सामग्री की खरीदारी की. वहीं लोग लक्ष्मी गणेश की मूर्ति व पटाखों की खरीदारी करते बाजार में दिखें.
दीपावली को लेकर बाजार में काफी चहल पहल रही. लोग पटाखे आदि की खरीदारी उत्साह से करते दिखे. शहर में पटाखों की दुकान पर अधिकतर बच्चे व महिलाएं अधिक दिखीं. वहीं शहर के विभिन्न स्थानों पर मिट्टी के दीये, कलश, लक्ष्मी गणेश की मूर्ति खरीदारी भी उत्साह के साथ किया.
कोलकाता की फूलों से महकेगा शहर. दीपावली पर लोग व व्यवसायी अपने प्रतिष्ठानों को केला के पौधे व फूल मालाओं से सजाकर मां लक्ष्मी और गणेश का आह्वान करते हैं.
ऐसे में बाजार में फूलों की मांग बढ़ गयी है. खासकर गेंदा फूल की मांग अधिक रहती है. बाजार में गेंदा फूल की लड़ी बिक रहती. फूल विक्रेता विनोद कुमार ने कहा कि एक सप्ताह पूर्व से दीपावली की तैयारी शुरू कर दी थी. इस बार फिर कोलकाता से आये गेंद की फूल से पूरा शहर महकेगा.
दीये की खूब हुई बिक्री. दीपावली पर्व को लेकर पूरा शहर मिट्टी के दीये से पटा था. प्रत्येक चौक चौराहों पर ठेला पर दीये बिक रहे थे. लोगों ने कहा कि रस्म अदायगी के लिए दीये की खरीद की है. दीपावली पर दीये अवश्य जलाना चाहिए. वहीं दीये की कीमत प्रति सैकड़ा 100 से 500 तक थी. जिसके कारण खरीदारी कम हुई. हालांकि प्रदूषण को लेकर लोगों ने दीये की खरीद कम की.
फलों की दुकान पर उमड़ी भीड़. दीपावली पर्व को लेकर पूजन सामग्री के साथ फलों की दुकान पर पूरा दिन भीड़ लगी हुई थी. लोगों को परेशानी न हो इसके लिए दुकानदार पहले से पैक कर रखे हुए थे. वहीं सेब, केला, संतरा, नारियल, अनार आदि भी खूब बिके. सबसे अधिक बिक्री सेब, केला व नारियल की हुई.
मुरही व बताशा खूब बिक्री. यूं तो दीपावली के मौके पर मिठाईयां खूब बिके लेकिन मूरही व बताशे (चीनी की मिठाई) खूब बिकी. परंपरा के अनुसार लक्ष्मी व गणेश पूजन में बताशे खूब बिकते हैं. यह मिठाई सिर्फ चीनी से बनती है.
इलेक्ट्रिक सामान भी खूब बिके. घर व प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए लोगों ने बिजली के सामान की भी खूब खरीदारी की. सबसे अधिक बिक्री एलइडी बल्व व झालड़ की हुई. एक अनुमान के मुताबिक जिले में एक करोड़ से अधिक के बिजली के सामान बिके हैं. घरों को सजाने के लिए चाइनीज झालड़ की भी खूब खरीदारी हुई.
काली पूजा की तैयारी पूरी. बाबूबरही. प्रखंड क्षेत्र में काली पूजा को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है. पूजा पंडालों से अलग-अलग कलश यात्रा निकाली गई. इसी कड़ी में विक्रम शेर व मधवापुर गांव से अलग-अलग कलश यात्रा निकाली गई.
कलश यात्रा विभिन्न गांव के रास्ते पिपराघाट स्थित कमला, बलान व सोनी नदी के त्रिवेणी संगम तट पहुंची. जहां पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश में जल बोझा गया. इधर बाबूबरही पूर्वी बाजार स्थित सामुदायिक भवन, बेला, लोहापीपर, बरैल, टिकुलिया सहित अन्य गांव से भी काली पूजा को लेकर कलश यात्रा के संग अध्यात्मिक कार्यक्रम शुरू हुआ.