बाढ़ के बाद बढ़ा डायरिया का प्रकोप, एक दर्जन मरीज भर्ती

Published at :23 Aug 2017 4:14 AM (IST)
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बाढ़ के बाद बढ़ा डायरिया का प्रकोप, एक दर्जन मरीज भर्ती

प्रकोप. शहर मुख्यालय से लेकर बाढ़ प्रभावित इलाकों से आने लगे पीड़ित मरीज मधुबनी : आशंका के अनुरूप बाढ़ के बाद महामारी की शुरुआत डायरिया के रूप में होने लगा है. बाढ़ के बाद डायरिया के मरीजों की संख्या में काफी बढोतरी हुई है. मंगलवार को सदर अस्पताल के इमरजेंसी में लगभग दो दर्जन डायरिया […]

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प्रकोप. शहर मुख्यालय से लेकर बाढ़ प्रभावित इलाकों से आने लगे पीड़ित मरीज

मधुबनी : आशंका के अनुरूप बाढ़ के बाद महामारी की शुरुआत डायरिया के रूप में होने लगा है. बाढ़ के बाद डायरिया के मरीजों की संख्या में काफी बढोतरी हुई है. मंगलवार को सदर अस्पताल के इमरजेंसी में लगभग दो दर्जन डायरिया का मरीज उपचार के लिए पहुंचे. जिसमें गंभीर रूप से पीड़ित 13 मरीजों को इमरजेंसी के विभिन्न वार्डों में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है. जबकि आंशिक रूप से पीड़ित मरीज को दवा व उपचार कर उन्हें रीलिज कर दिया गया. डायरिया मरीजों की संख्या में हुए इजाफा के बाद आलम यह रहा कि वार्ड में बेड खाली नहीं रहा. गंभीर रूप से आये मरीजों को विभिन्न वार्डों में रखा जा रहा है.
इसमें महिला वार्ड, शिशु वार्ड सहित अन्य वार्ड में डायरिया के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है. इसमें से अधिकतर मरीज शहर मुख्यालय के हैं. हालांकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र बिस्फी बेनीपट्टी से भी मरीज आ रहे हैं.
इनको किया गया भर्ती. इमरजेंसी में तैनात डाॅ के कौशल ने बताया कि गंभीर रूप से दस्त व उल्टी से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया गया है. जिसमें डुमरी निवासी 26 वर्षीय अजीत सिंह, बिस्फी निवासी 53 वर्षीय विपिन सिंह, मंगरौनी निवासी 15 वर्षीय पानो देवी, राजनगर निवासी 60 वर्षीय बुधन पासवान, चकदह निवासी 35 वर्षीय उषा देवी, मलंगिया निवासी 60 वर्षीय फुलिया देवी, लाल चौक रामपट्टी निवासी 65 वर्षीय बुधन ठाकुर, मधुबनी मछहट्टा निवासी 80 वर्षीय राधिका देवी, कैटोला निवासी 26 वर्षीय अरूण साफी, बेलाही निवासी 9 वर्षीय मो. अफतार, चकदह निवासी 20 वर्षीय अभिषेक कुमार शामिल है.
सभी मरीजों को स्लाइन एवं ओआरएस का घोल के साथ चिकित्सकों द्वारा उपचार किया गया. संवाद प्रेषण तक सभी मरीजों की स्थिति खतरे से बाहर बतायी गयी. इमरजेंसी में तैनात डा. के कौशल ने बताया कि बारिश के बाद पानी कम होने व खान- पान में असंतुलन के कारण दस्त व उल्टी की समस्या अधिक हो जाती है. और लोग इस बीमारी के चपेट में आते है.
चिकित्सक की सलाह
डॉ के कौशल ने बताया कि वर्तमान समय में थोड़ी सी भी लापरवाही बरती गयी तो लोगों को गंभीर बीमारी हो सकती है. ऐसे में लोगों को खुद ही एहतियात बरतना चाहिए.
पूरे गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव
उबले हुए पानी का इस्तेमाल
पीएचसी व आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से गांवों में प्रत्येक घर में ओआरएस की आपूर्ति
पानी में हेलोजेन टैबलेट
आस पास साफ सफाई
साफ कपड़ा का उपयोग
मछली का वर्तमान में सेवन कम
खुले में शौच करने से बचें
हल्का भोजन व सुपाच्य (खिचड़ी)
तबीयत खराब होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श
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