मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में UMIS-CIMS घोटाले की जांच के निर्देश, मुख्यमंत्री सचिवालय ने मांगी रिपोर्ट
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 16 May 2026 1:06 PM
बीएन मंडल विश्वविद्यालय
Madhepura News : बीएन मंडल विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला अब मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंच गया है. यूएमआईएस और सीआईएमएस सिस्टम में गड़बड़ी के आरोपों के बाद शिक्षा विभाग को जांच के निर्देश दिये गये हैं.
Madhepura News : मधेपुरा से कुमार आशीष की रिपोर्ट. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय प्रबंधन सूचना प्रणाली (UMIS) और कॉलेज प्रबंधन सूचना प्रणाली (CIMS) के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री सचिवालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और शैक्षणिक हलकों में हलचल तेज हो गयी है.
विधान पार्षद की शिकायत के बाद बढ़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार डॉ. संजीव कुमार सिंह ने 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री को ई-मेल के माध्यम से शिकायत भेजी थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विश्वविद्यालय में UMIS और CIMS के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता हुई है. साथ ही राज्य सरकार और राजभवन सचिवालय के निर्देशों की अनदेखी कर कार्य किये जाने की बात भी कही गयी थी.
मुख्यमंत्री सचिवालय ने शिक्षा विभाग से मांगी रिपोर्ट
मामले पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष कार्य पदाधिकारी इन्द्रवीर कुमार ने अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग को पत्र भेजा है. पत्र में पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि जांच के बाद की गयी कार्रवाई की रिपोर्ट विधान पार्षद और मुख्यमंत्री सचिवालय को उपलब्ध करायी जाये.
विश्वविद्यालय प्रशासन में मचा हड़कंप
मुख्यमंत्री सचिवालय के हस्तक्षेप के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप का माहौल है. सूत्रों के अनुसार सूचना प्रणाली से जुड़े खर्च, भुगतान प्रक्रिया और तकनीकी स्वीकृतियों की जांच तेज हो सकती है. विश्वविद्यालय से जुड़े कई दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की समीक्षा की तैयारी भी शुरू हो गयी है.
राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा तेज
मामले को लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में चर्चा तेज हो गयी है. छात्र संगठनों और शिक्षकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठने लगे हैं. लोगों की नजर अब शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है.
जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किन स्तरों पर अनियमितता हुई है. फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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