मधेपुरा में स्कूल का नाम बदलने पर मचा विवाद, बीईओ ने 24 घंटे में मांगा जवाब

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 16 May 2026 10:40 AM

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Madhepura News

Madhepura News: विद्यालय भवन पर नाम बदलकर लिखे जाने के मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है. ग्रामीणों की नाराजगी के बाद बीईओ ने मामले को गंभीर मानते हुए कनीय अभियंता से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है.

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Madhepura News: मधेपुरा से कुमार आशीष की रिपोर्ट. उदाकिशुनगंज प्रखंड में विद्यालय भवन पर नाम परिवर्तन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. नवप्राथमिक विद्यालय रैटोलवा पूर्वी के भवन पर कथित रूप से विद्यालय का नाम बदलकर अंकित करने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. मामले को गंभीर मानते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने कनीय अभियंता से 24 घंटे के भीतर साक्ष्य सहित जवाब मांगा है.

निरीक्षण में सामने आयी नाम बदलने की बात

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सागर कुमार चौधरी द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि विद्यालय भवन निर्माण कार्य का निरीक्षण कनीय अभियंता की देखरेख में कराया गया था. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन पर दर्ज “नवप्राथमिक विद्यालय रैटोलवा पूर्वी” के स्थान पर “नवप्राथमिक विद्यालय टोला वार्ड 05” अंकित कर दिया गया है.

उद्घाटन से पहले बढ़ा विवाद

जानकारी के अनुसार विद्यालय भवन का उद्घाटन 15 मई 2026 को नरेंद्र नारायण यादव द्वारा प्रस्तावित है. उद्घाटन से पहले नाम परिवर्तन का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किसी आधिकारिक आदेश के विद्यालय का नाम बदलना नियमों के खिलाफ है.

रेलिंग नहीं बनने पर भी उठे सवाल

निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण कार्य में एक और बड़ी लापरवाही सामने आयी. बीईओ ने पत्र में उल्लेख किया है कि भवन की सीढ़ियों पर रेलिंग नहीं बनायी गयी है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. इसे लेकर भी संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.

बीईओ ने मांगा साक्ष्य सहित जवाब

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी विद्यालय के पंजीकृत नाम में परिवर्तन उच्चाधिकारी के आदेश के बाद ही किया जा सकता है. बिना अनुमति नाम बदलकर भवन पर अंकित कराना नियमों के विरुद्ध है. मामले को लेकर कनीय अभियंता को 24 घंटे के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है.

कई अधिकारियों को भेजी गयी पत्र की प्रति

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्र की प्रतिलिपि जिला शिक्षा कार्यालय, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गयी है. साथ ही कनीय अभियंता को उद्घाटन समारोह में स्वयं उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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