सादगी व त्याग की प्रतिमूर्ति थीं दादी प्रकाशमणि

सादगी व त्याग की प्रतिमूर्ति थीं दादी प्रकाशमणि
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा सोमवार को दादी प्रकाशमणि की 17वीं पुण्यतिथि विश्वबंधुत्व दिवस के रूप में मनायी गयी. रूबी ने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी का संपूर्ण जीवन सबके लिए प्रेरणा है. उन्होंने परमात्मा की आज्ञा को शत प्रतिशत अपने जीवन में शिरोधार्य कर अपना जीवन दिव्य दर्पण के समान चमकदार और उदाहरणमूर्त बनाया. सादगी, निर्मलता, निर्माणता, त्याग, सरलता आदि सर्वगुणों का उनके जीवन से स्पष्ट दर्शन होता था. उनके विराट व्यक्तित्व के आगे बड़े से बड़े ओहदे वाले व्यक्ति भी स्वत: झुक जाते थे. इतने बड़े विश्वव्यापी संस्थान का नेतृत्व करते हुए भी कभी उन्हें अभिमान का अंश स्पर्श नहीं कर पाया. परमात्मा के सृष्टि परिवर्तन के महान कार्य में वह स्वयं को निमित्त समझकर चलती थीं. संस्थान के लाखों भाई-बहन उनके पदचिह्नों पर चलकर अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाकर उदाहरण पेश कर रहे हैं. कार्यक्रम में डॉ सुबोध कुमार, तेज नारायण, दिनेश मिश्रा, गोपाल कुमार, इंदिरा कुमारी आदि मौजूद थे.
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By Prabhat Khabar News Desk
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