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गोपालगंज के बाद अब मधेपुरा में बड़ी कार्रवाई, 31 पुलिस अधिकारियों पर FIR दर्ज, जानें पूरा मामला

Updated at : 22 Feb 2025 3:19 PM (IST)
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Bihar News: मधेपुरा में तबादले के बावजूद केस फाइल न सौंपने पर 31 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. बार-बार निर्देश देने के बावजूद फाइलें न सौंपने से कई मामलों की जांच अधर में लटक गई. पुलिस प्रशासन ने अब सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं.

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Bihar News: मधेपुरा जिले में तबादले के बावजूद अपनी जगह तैनात हुए अधिकारियों को केस फाइल न सौंपने के मामले में 31 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस के अनुसार, बार-बार याद दिलाने के बावजूद अधिकारियों ने अपने उत्तराधिकारियों को फाइलें नहीं सौंपी, जिससे कई मामलों की जांच अधर में लटकी रही.

तबादले के बावजूद अधर में लटकी जांच

पुलिस विभाग के एक बयान के मुताबिक, कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच रुकी हुई थी क्योंकि जिन अधिकारियों का तबादला हो गया था उन्होंने केस फाइलें सौंपने में लापरवाही बरती. इससे न्यायिक प्रक्रिया बाधित हो रही थी और मामलों के निपटारे में देरी हो रही थी. इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब पुलिस अधिकारियों पर इस तरह की कार्रवाई हुई हो. इससे पहले, गोपालगंज में 53 और मुजफ्फरपुर में 134 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी इसी तरह की लापरवाही के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इन मामलों में भी अधिकारियों ने तबादले के बाद अपने रिलीवर को केस फाइलें नहीं सौंपी थीं, जिससे जांच प्रभावित हुई थी.

पूर्वी चंपारण में रोका गया था वेतन

इससे पहले जनवरी में पूर्वी चंपारण जिले में 104 पुलिसकर्मियों का वेतन रोका गया था क्योंकि उन्होंने तबादले के बावजूद केस फाइलें अपने रिलीवर को नहीं सौंपी थीं. इस लापरवाही के चलते 990 मामलों की जांच प्रभावित हो रही थी. पुलिस प्रशासन ने इन अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर केस फाइलें सौंपने का निर्देश दिया था.

पांच से दस साल से लंबित हैं कई केस

गोपालगंज जिले में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां 53 से अधिक पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित द्वारा की गई समीक्षा में खुलासा हुआ कि कई मामले पांच से दस साल से लंबित हैं. कई अधिकारी तबादले के बाद केस फाइलें अपने साथ ले गए जिससे न केवल जांच बाधित हुई.

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अब होगी सख्त कार्रवाई

बिहार पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अब यदि कोई अधिकारी तबादले के बाद अपने उत्तराधिकारी को केस फाइल नहीं सौंपता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इससे भविष्य में जांच प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सकेगी और लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सकेगा.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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