मधेपुरा में किसान-मजदूरों का हल्लाबोल, 14 सूत्री मांगों को लेकर जिला मुख्यालय का घेराव, आंदोलन की चेतावनी
विरोध जताते किसान व मजदूर. | Prabhat Khabar Network
Kisan Mazdoor Protest : किसानों और मजदूरों ने केंद्र व राज्य सरकारों की नीतियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए जिला मुख्यालय का घेराव किया. 14 सूत्री मांगों को लेकर आयोजित इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में मेहनतकशों के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई गई. यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है.
Kisan Mazdoor Protest : केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ तथा मेहनतकश लोगों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर किसान सभा, खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन और बिहार निर्माण कामगार यूनियन के आह्वान पर सोमवार को राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन के तहत जिला मुख्यालय का घेराव किया गया. कला भवन से किसान, मजदूर, महिला, छात्र और नौजवान संगठनों के नेतृत्व में विशाल जुलूस निकाला गया. जुलूस भूपेंद्र चौक होते हुए समाहरणालय कार्यालय के समक्ष पहुंचा, जहां वह सभा में तब्दील हो गया. सभा की अध्यक्षता गणेश मानव ने की.
प्रदर्शनकारियों की ओर से जिला प्रशासन को 14 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया. इसमें स्थानीय करों से लेकर जमीन, रोजगार, बिजली, महंगाई और मजदूरों के अधिकारों से जुड़े कई मुद्दे शामिल रहे.
होल्डिंग, सफाई और पानी टैक्स बंद करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने पंचायतों में होल्डिंग, सफाई और पानी टैक्स बंद करने की मांग की. साथ ही गाड़ियों पर बढ़ाये गये टैक्स को वापस लेने और स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स बंद करने की मांग भी उठायी गयी.
प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल में ईथनॉल की मिलावट बंद करने और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत कम करने की मांग की. उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई का सीधा असर किसान, मजदूर और आम परिवारों पर पड़ रहा है.
जमीन के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
आंदोलनकारियों ने सीलिंग, भूदान और सरकारी जमीन के फर्जी केवाला एवं जमाबंदी को रद्द करने की मांग की. सीलिंग और बटाईदारी पर्चाधारियों को जमीन पर दखल दिलाकर जमाबंदी और लगान रसीद काटने की मांग भी रखी गयी.
इसके अलावा सभी भूमिहीन परिवारों को बास और आवास उपलब्ध कराने, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की गयी.
संविदाकर्मियों के स्थायीकरण और 26 हजार वेतन की मांग
सभा में रसोईया, आशा, ममता, कुरियर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित सभी संविदाकर्मियों के स्थायीकरण की मांग उठायी गयी. आंदोलनकारियों ने सभी संविदाकर्मियों के लिए न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन निर्धारित करने की मांग की.
नगर परिषद में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की मांग भी आंदोलनकारियों ने की.
खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने की मांग
किसान संगठनों ने खाद, बीज और कीटनाशक पर सब्सिडी बहाल करने तथा इनकी कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की. वहीं मजदूर विरोधी चार लेबर कोड को रद्द करने और कोसी प्राधिकार कानून को बहाल करने की मांग भी उठायी गयी.
प्रदर्शनकारियों ने बीबी रामजी कानून रद्द करने, बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने और स्मार्ट मीटर की व्यवस्था वापस लेने की मांग की.
नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर साधा निशाना
सभा को संबोधित करते हुए सीपीएम राज्य सचिव मंडल सदस्य कामरेड रामपरी ने केंद्र सरकार पर किसान और मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अच्छे दिन के नाम पर किसानों और मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं. किसान और मजदूर विरोधी कानूनों के कारण लोगों को रोजगार से वंचित किया जा रहा है.
उन्होंने बिजली कानून को गरीब विरोधी बताते हुए पंचायतों में होल्डिंग टैक्स वसूली पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से सालाना 1200 रुपये होल्डिंग टैक्स वसूलना उचित नहीं है.
रामपरी ने कहा कि वर्षों से सीलिंग की जमीन पर बसे भूमिहीन परिवारों को उजाड़ने की कोशिश हो रही है. उन्होंने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक तत्काल पारित करने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और मनरेगा को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की.
कई नेताओं ने सभा को किया संबोधित
सभा को किसान सभा के जिला सचिव अशोक यादव, जिला मंत्री राजेंद्र यादव, खेतिहर मजदूर यूनियन के ललन यादव, निर्माण मजदूर यूनियन के अनिल लाल, राजदीप यादव, जनवादी महिला समिति की नूतन भारती, अधिवक्ता श्यामा नंद गिरी, पन्नाल, कमलेश्वरी शाह, कृष्ण कुमार यादव और नौजवान सभा के मनीष यादव सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया.
वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से किसान, मजदूर और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की.
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लेखक के बारे में
By राजकुमार
राजकुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. किशनगंज में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.
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