आवास योजना पर नप में मचा दंगल

Published at :02 Jun 2016 5:28 AM (IST)
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आवास योजना पर नप में मचा दंगल

आरोप . वार्ड पार्षदों ने कहा, स्वीकृति नहीं मिलने के बाद भी पिटा जा रहा है ढिंढोरा नगर परिषद क्षेत्र में ‘सबके लिए आवास’ योजना की धमक गूंजते ही वार्ड पार्षदों के एक गुट में खलबली मच गयी है और इसके साथ ही आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. बुधवार को नगर परिषद […]

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आरोप . वार्ड पार्षदों ने कहा, स्वीकृति नहीं मिलने के बाद भी पिटा जा रहा है ढिंढोरा

नगर परिषद क्षेत्र में ‘सबके लिए आवास’ योजना की धमक गूंजते ही वार्ड पार्षदों के एक गुट में खलबली मच गयी है और इसके साथ ही आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. बुधवार को नगर परिषद कार्यालय में इस बात को लेकर पूरी गहमागहमी रही. कुछ वार्ड पार्षदों ने मुख्य पार्षद पर जान बूझ कर यह शिगूफा छोड़ने का आरोप लगाया
और मुख्य पार्षद द्वारा नगर परिषद क्षेत्र में एक हजार आवास बनाने की योजना की प्रक्रिया की पूर्णता के करीब पहुंचने की घोषणा को गलत बताया. मुख्य पार्षद ने भी इन आरोपों का जबाव दिया. दरअसल पूरा मामला मुख्य पार्षद के कार्यकाल में दो महीने बाद अविश्वास प्रस्ताव की राजनीति से प्रेरित है. हालांकि इस गुट के अभी तक महज नौ पार्षद ही सामने आये हैं. नगर परिषद में 26 पार्षद हैं.
मधेपुरा : मुख्य पार्षद द्वारा आवास योजना के नाम पर वार्ड पार्षद एवं शहरी आम नागरिकों को दिगभ्रमित करने का आरोप लगाते हुए पार्षदों के एक गुट ने कार्यपालक पदाधिकारी से वार्ता की. इनका आरोप है कि 2015 – 16 में शहरी गरीबों के लिए एक हजार घर की स्वकृति नगर विकास विभाग द्वारा मिली थी. जिसे मुख्य पार्षद गुपचुप तरीके से वितरण करना चाहते थे. बाद में सभी 26 वार्डों को सामान्य रूप से 38 – 38 घर की सूची जांच कर नगर विकास विभाग को भेजा गया है.
इस बारे में नगर विकास पटना की कमेटी द्वारा पारित होने के उपरांत नगर विकास विभाग भारत सरकार को भेजी जायेगी. लेकिन यहां झूठा प्रचार किया जा रहा है कि स्वीकृति मिल गयी है. इन पार्षदों का कहना है कि मुख्य पार्षद से मोहभंग के बाद उनके विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी चल रही है.
पार्षद एवं पार्षद पतियों द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी को विभाग द्वारा भेजे गये पत्रांक 1025 की प्रति दिखलाते हुए पूछा गया कि एआइपी प्रतिवेदन सबके लिए आवास योजना में मांगा जा रहा है. आखिरकार सही स्थिति क्या है वे बतलाएं. पार्षदों ने अन्य कई अनियमितता का आरोप भी लगाया. इस दौरान वार्ड पार्षद निर्मला देवी, पार्षद पति ओम प्रकाश श्रीवास्तव, मो कारी, पंकज कुमार, विजय कुमार, रूदल यादव, ललन कुमार, रामनारायण कनौजिया उपस्थित थे.
मुख्य पार्षद ने दिया जबाव सभी वार्डों को समान अनुपात में मिलेगा आवास योजना का लाभ
राज्य सरकार से स्वीकृति के बाद केंद्र से राशि प्राप्त होने का
है इंतजार
फॉर्मेट विभाग द्वारा अभी उपलब्ध कराया गया है
नगर परिषद द्वारा एक हजार आवास की सूची विभाग को उपलब्ध करा दी गयी है. मामला प्रक्रिया में है. पत्रांक 1025 बिहार के सभी नगर निकाय क्षेत्र के लिए है. इसमें सबके लिए आवास योजना के तहत 2022 तक बनने वाले आवासों के लिए एनुअल इंप्लीमेटेशन प्लान (एआइपी) बना कर देना है. इसका फॉर्मेट विभाग द्वारा अभी – अभी उपलब्ध कराया गया है. इस पत्र से एक हजार आवास के लिए भेजी गयी सूची के स्वीकृति संबंधी मामले से कोई लेना देना नहीं है.
– मनोज कुमार पवन, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद मधेपुरा
बेवजह आरोप-प्रत्यारोप में मैं पड़ना नहीं चाहता
एक हजार आवास की सूची नगर विकास एवं आवास विभाग पटना में जमा कर राज्य स्तर पर स्वीकृत हो गयी है. केंद्र सरकार की बैठक में राशि विमुक्ति की प्रक्रिया की जायेगी. कुछ पार्षद राजनीती से प्रेरित होकर आरोप लगा सकते है. लेकिन मेरा ध्येय नगर परिषद क्षेत्र के गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है. विकास की गति को तेज करना है. जनता बेहतर समझ रही है. बेवजह आरोप प्रत्यारोप में मैं पड़ना नहीं चाहता हूं. काम ही मेरी पहचान है. सभी वार्डों में समान रूप से आवास का वितरण किया गया है.
– डाॅ विशाल कुमार बबलू, मुख्य पार्षद, नगर परिषद मधेपुरा
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